No ratings yet.

टूल कितने प्रकार के होते हैं? (Tool ke Prakar)

टूल कितने प्रकार के होते हैं? (Tool ke Prakar)

एक Tool एक ऐसी वस्तु है जो आसपास के वातावरण की विशेषताओं को संशोधित करने की किसी व्यक्ति की क्षमता का विस्तार कर सकती है। केवल मनुष्य, जिनके पत्थर के औजारों का उपयोग सैकड़ों सहस्राब्दी पहले से होता है, अन्य उपकरण बनाने के लिए औजारों का उपयोग करते हुए देखे गए हैं।

टूल कितने प्रकार के होते हैं?

Technical की दुनिया या आईटीआई में आपको पांच प्रकार के टूलों के बारे में पढ़ने को मिलेगा।

custom print service
tool kitne Prakar ke hote hai
Types of Tools
custom print service

आज मैं आपको पांच प्रकार के टूलों के बारे में बताऊंगा। जो कि निम्न प्रकार से हैं-

1.मेजरिंग टूल्स (Measuring Tools)

मेजरिंग टूल्स को हिंदी भाषा में ‘मापक औजार‘ बोलते हैं। इस प्रकार टूल का उपयोग हमारे दैनिक जीवन या Industries or other Sectors में किसी भी वस्तु की लंबाई, चौड़ाई व ऊंचाई मापने के लिए किया जाता है।

custom print service

इस प्रकार के Tools का उपयोग प्रत्येक स्थान पर अलग अलग होता है। कहीं पर अधिक बड़ी लंबाई को मापना हो तो स्टील टेप का उपयोग किया जाता है। और जिस स्थान पर मिमी में माप लेनी हो तो उस स्थान पर स्टील रूल (Steel Rule) का उपयोग किया जाता है।

इसके अतिरिक्त यदि आप ने धातु चादर की शॉप का नाम सुना है, तो आपने यह सुना है कि चादर की मोटाई किससे मापते हैं। धातु चादर शॉप में चादर की मोटाई को स्टील रूल से अच्छी तरह नहीं जांच सकते हैं। इसलिए वायर गेज का उपयोग किया जाता है।

Measuring Tools- स्टील रूल, स्टील स्क्वायर, स्टील टेप, वायर गेज, वर्नियर कैलिपर, माइक्रोमीटर, रूलर, कम्पास, लेजर मीजर, प्रोटेक्टर आदि।

2.हैमरिंग टूल्स (Hammering Tools)

इन टूल्स को हिंदी भाषा में ‘चोट मारने वाले औजार‘ कहते हैं। इन Tools का उपयोग चोट मारने के लिए किया जाता है। जब चादर को काटना, मोड़ना, जोड़ना व आकार देना होता है, तब चादर चादर को काटने के लिए उपयोग में आने वाले कटिंग टूल्स को चोट देने के लिए हैमरिंग टूल का उपयोग किया जाता है।

यदि किसी चादर को किसी आकार में मोड़ना होता है, तब चादर को चोट करने के लिए लकड़ी के हथौड़े का उपयोग किया जाता है।

custom print service

इस प्रकार के Tools को दो भागों में बांटा गया है, जिसमें से एक लोहे का या किसी अन्य लौह धातु का हथौड़ा बना होता है दूसरे प्रकार का टूल लकड़ी का बना होता है। जिसे मैलेट (Mallet) बोलते हैं।

Hammering Tools- हथौड़ा (बॉल पीन हथौड़ा, क्रॉस पीन हथौड़ा, स्ट्रेट पीन हथौड़ा), मैलेट (स्टैण्डर्ड मैलेट, बॉसिंग मैलट, एण्ड फेक्ड मैलट) आदि।

3.मार्किंग टूल्स (Marking Tools)

Marking Tools को हिंदी भाषा में ‘अंकन औजार
कहते हैं। इन टूल्स के माध्यम से जॉब पर मार्किंग की जाती है। धातु चादर के ऊपर विभिन्न आकृतियां बनाने के लिए व मार्किंग करने के लिए अनेकों प्रकार के टूल उपयोग किए जाते हैं।

जब किसी स्थान पर वृत्त या चाप लगाना होता है, तब डिवाइडर (Divider) का उपयोग किया जाता है। डिवाइडर के माध्यम से 200 मिमी त्रिज्या के वृत्त या चाप लगाए जा सकते हैं। इससे अधिक बड़े वृत्त या चाप लगाने के लिए ट्रेमल (Trammel) का उपयोग किया जाता है।

Marking Tools- डिवाइडर, ट्रेमल, विंग कम्पास, स्क्राइबर, स्क्रैच आल आदि।

4.कटिंग टूल्स (Cutting Tools)

Cutting Tools को हिंदी भाषा में ‘ कर्तन औजार‘ कहते हैं। इन टूल्स का उपयोग धातु को काटने के लिए किया जाता है। दोस्तों, आपने हैक्सॉ व हैक्सॉ ब्लेड (Hacksaw and Hacksaw Blade) का नाम सुना होगा। इसका उपयोग धातु को काटने के लिए किया जाता है। हैक्सॉ (Hacksaw) आपको प्रत्येक शॉप में देखने को मिलेगा।

धातु की पतली चादर को काटने के लिए स्निप का उपयोग किया जाता है। इसके अलावा आपने शियरिंग मशीन का नाम सुना होगा। इस मशीन का उपयोग बहुत बड़ी साइज की धातु चादर को काटने के लिए किया जाता है।

Cutting Tools- स्निप (स्ट्रेट स्निप, बैंट स्निप), शियरिंग मशीन, रेती, हैक्सॉ, छेनी आदि।

5.पियरशिंग टूल्स (Piercing Tools)

Piercing Tools को हिंदी भाषा में ‘छिद्रण औजार‘ कहते हैं। इस प्रकार के टूल्स का उपयोग धातु में Hole करने के लिए किया जाता है। आप लोगों ने ड्रिल का नाम सुना होगा। जिसको हिंदी भाषा में ‘मरोड़ी वर्मा’ भी बोलते हैं।

ड्रिल का उपयोग मोटी चादरों व पतली चादरों में होल करने के लिए किया जाता है। यदि बहुत पतली धातु चादर है, तब उसमें छेंद करने के लिए पंच (Punch) का उपयोग किया जाता है।

Piercing Tools- पंच (ठोस पंच, खोखला पंच, पिन पंच), ड्रिल आदि।
Also Read- ITI Fitter course Syllabus Details in Hindi

Follow Me-

custom print service

4 thoughts on “टूल कितने प्रकार के होते हैं? (Tool ke Prakar)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *