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दो स्ट्रोक इंजन (Two Stroke engine) कैसे काम करता है?

दोस्तों, आईटीआई कोर्स डॉट कॉम में आपका स्वागत है, आज की इस पोस्ट में दो स्ट्रोक इंजन (Two Stroke engine) कैसे काम करता है? के बारे में बताया गया है। यदि आप जानकारी पाना चाहते हो तो पोस्ट को पढ़िए और जानकारी प्राप्त कीजिए।

दो स्ट्रोक इंजन कैसे काम करता है?

दो स्ट्रोक इंजन (Two Stroke engine) में दो स्ट्रोक में ही सभी वर्किंग प्रक्रिया को पूरा किया जाता है। इसमें क्रैंक का पूरा चक्कर 360° में पूरा किया जाता है। इस इंजन में भी एक पूरे चक्कर में चारों स्ट्रोकों को पूरा किया जाता है क्योंकि इस इंजन के वर्किंग प्रोसेस में दो-दो स्ट्रोक साथ में लेकर करते हैं।

टू स्ट्रोक इंजन किसे कहते हैं?
दो स्ट्रोक इंजन

दो स्ट्रोक इंजन (Two Stroke engine) में क्रैंक के 180° के चक्कर पूरा करने पर दो स्ट्रोक पूरे होते हैं, जिसमें से पहले स्ट्रोक का नाम एक्सपेंशन तथा दूसरे स्ट्रोक का नाम एग्जॉस्ट है।

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जब इंजन (engine) का पिस्टन TDC से BDC की तरफ मूव करेगा तब इंजन में एक स्ट्रोक एक्सपेंशन प्रक्रिया पूरी होगी। एक्सपेंशन प्रक्रिया होते समय जब पिस्टन TDC से BDC की तरफ मूव करता है, तब उस समय में ट्रांसफर और एग्जॉस्ट पोर्ट खुली रहती है।

इस स्थिति में हमारा फ्रेश चार्ज क्रैंक कैस से ट्रांसफर पोर्ट की मदद से इंजन सिलेंडर में एंटर करता है। जब यह फ्रेश चार्ज इंजन सिलेंडर में एंटर करता है, तब उस समय यह बर्न गैसों को धक्का मारकर एग्जॉस्ट पोर्ट से बाहर निकाल देता है। इस तरह से क्रैंक 180° का चक्कर पूरा कर लेता है, जिससे एक्सपेंशन और एग्जॉस्ट दोनों स्ट्रोक पूरे हो जाते हैं।

दो स्ट्रोक इंजन (Two Stroke engine) में एक भाग डिफ्लेक्टर लगा होता है, जो बर्न गैसों को इंजन सिलेंडर से बाहर निकालने में मदद करता है।

इसके बाद बाकी के दो स्ट्रोक पूरे होते हैं, जिसमें से एक का नाम कम्प्रेशन तथा दूसरे का नाम इनलेट होता है। इसमें पिस्टन BDC से TDC की तरफ मूव करता है। इसमें कम्प्रेशन प्रक्रिया के अंतर्गत इंजन सिलेंडर के अंदर आया फ्रेश चार्ज सारा का सारा पूरी तरह कम्प्रेश हो जाएगा। कम्प्रेशन प्रक्रिया होते समय ट्रांसफर व एग्जॉस्ट पोर्ट दोनों पूरी तरह बंद हो जाते हैं।

कम्प्रेशन प्रक्रिया (Compression Process) होते समय केवल इनलेट पोर्ट खुली रहती है, जिससे इंजन सिलेंडर के अंदर फ्रेश चार्ज एंटर करता है। इस तरह क्रैंक बचा हुआ 180° का चक्कर पूरा करती है। इस दौरान दो प्रक्रिया कम्प्रेशन और इनलेट एक साथ पूरी होती है। इस तरह से 360° अर्थात् एक चक्र पूरा हो जाता है।

1.TDC का फुल फॉर्म क्या है?

Top Dead Centre

2.BDC का फुल फॉर्म क्या है?

Bottom Dead Centre

3.दो स्ट्रोक इंजन के उपयोग

दो स्ट्रोक इंजन का उपयोग Weed Trimmers, Outboard, Chairsaws, off road motor cycles, Motors और Racing applications आदि में किया जाता है।

दोस्तों, यदि आपको दो स्ट्रोक इंजन (Two Stroke engine) कैसे काम करता है? पोस्ट अच्छी लगी हो तो कमेंट करके बताएं और हमसे जुड़ने के लिए टेलीग्राम चैनल (Telegram Channel) को ज्वॉइन करें।

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