बैट्री चार्जर क्या ओर कैसा होता है? | बैटरी चार्जर कैसे बनाए?

बैटरी चार्जर एक ऐसा उपकरण होता है जो किसी बैटरी में स्थित रासायनिक पदार्थ में इलेक्ट्रॉन की मात्रा को बढ़ा देता है अर्थात इलेक्ट्रॉन जमा कर देता है जिसकी वजह से हमारी बैटरी चार्ज हो जाती है

बैटरी की देखभाल एवं सावधानियां

बैट्री को एक कम वोल्टेज जैसे- 1.75V से कम होने पर निरावेशित नहीं करना चाहिए।
बैट्री का आपेक्षिक घनत्व आवेशित करने से पहले हाइड्रोमीटर से देखना चाहिए।
आवेशित ( चार्ज ) बैट्री को लम्बे समय तक बिना उपयोग के नहीं रखना चाहिए।
शुद्ध पानी से भरकर इलैक्ट्रोलाइट का स्तर प्लेटों से कम से कम 10 से 15mm होना चाहिए।
बैट्री का आवेशन ( चार्ज ) व निरावेशन ( डिस्चार्ज ) उच्च धारा पर शीघ्रता से नहीं करना चाहिए।
निरावेशन के बाद बैट्री को शीघ्र ही पुनः आवेशित करना चाहिए।
बैट्री का आवेशन रूम खुली रोशनी युक्त व हवादार होना चाहिए।
बैट्री के टर्मिनल स्वच्छ होने चाहिए व उन पर पैट्रोलियम जैली लगी होनी चाहिए।
बैट्री के ऊपर वाले भाग को सोडा जल तथा अमोनिया जल से स्वच्छ करना चाहिए।
बैट्री का उच्च रेटिंग पर आवेशन व निरावेशन नहीं करें इससे प्लेटें मुड़ सकती हैं।
हाइरेट डिस्चार्ज टैस्टर का प्रयोग आवेशित बैट्री पर 10 सैकण्ड के लिए करना चाहिए।
बैट्री के ऊपर की धूल, मिट्टी, गन्दगी को साफ करते रहना चाहिए।
बैट्री को आवेशित करने से पूर्व वेन्ट प्लग खोल देने चाहिए।
लीक होने वाली बैटरियों को न छुएं; उनका ठीक से निस्तारण करें।
पुरानी और नई बैटरियों को न मिलाएं

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