किरचाफ के नियम
x

किरचाफ के नियम

Kirchhoff’s Laws in hindi:- इस नियम से किसी जटिल परिपथों में धारा या वोल्टेज को आसानी से ज्ञात किया जा सकता है। धारा या वोल्टेज को ओम के नियम से भी ज्ञात कर सकते हैं, लेकिन ओम का नियम उपयोग में लाना थोड़ा सा कठिन होता है।
दोस्तों, मेरी वेबसाइट में आपका स्वागत है, मैंने इस पोस्ट में किरचाफ के नियम और इनके उपयोग से क्या ज्ञात किया जाता है, आदि के बारे में बताया है। यदि आप जानकारी पाना चाहते हो तो पोस्ट को पूरा पढ़िए।

किरचाफ के नियम

इनके नियमों का उपयोग इंजीनियरिंग के क्षेत्र बहुत अधिक किया जाता है। इन्होंने दो नियमों की खोज की थी। जिनके बारे में नीचे समझाया है, जो कि निम्न प्रकार से हैं-

1.प्रथम नियम

यह नियम आवेश संरक्षण के सिद्धांत पर आधारित है। इसे संधि नियम या जंक्शन नियम भी कहते हैं।

इन्होंने ने पहले नियम में धारा के नियम का वर्णन किया है। इसको संक्षिप्त में KCL (kirchhoff current law) कहते हैं। जिसकी परिभाषा निम्न प्रकार से है-

Current law
x

“किसी विद्युत परिपथ (Electric Circuit) या लूप में किसी संधि या बिंदु पर आने वाली धाराओं का योग उससे निकलने वाली धाराओं के योग के बराबर होता है।”

चित्र के अनुसार,

संधि की ओर आने वाली धारा = संधि से जाने वाली धारा

i1 + i2 = i3 + i4 + i5

दूसरे शब्दों में, “किसी विद्युत (Electric Circuit) परिपथ या लूप में किसी भी संधि या बिंदु पर मिलने वाली सभी विद्युत धाराओं का बीजगणितीय योग शून्य होता है।”

किसी संधि या बिंदु की ओर आने वाली धाराओं को धनात्मक व संधि या बिंदु से दूर जाने वाली धाराओं को ऋणात्मक माना जाता है।

2.द्वितीय नियम

इसे किरचाफ का लूप नियम या वोल्टता का नियम या मैश का नियम भी कहते है। यह ऊर्जा के संरक्षण के नियम पर आधारित है। (किरचॉफ नियम)

iti online mock test

इन्होंने ने दूसरे नियम में विभवान्तर के नियम का वर्णन किया है। इसको संक्षिप्त में EMF कहते हैं। जिसकी परिभाषा निम्न प्रकार से है-

Voltage law
x

“किसी बंद परिपथ या लूप में विद्युत वाहक बल का बीजगणितीय योग, उस परिपथ के प्रतिरोधकों के सिरों पर उत्पन्न विभवान्तरों के बीजगणितीय योग के बराबर होता है।”

∑IR =0

दूसरे शब्दों में:-“किसी लूप या बंद परिपथ के सभी विभवान्तरों का बीजगणितीय योग शून्य होता है।”

महत्त्वपूर्ण बिंदु:-

  1. संधि की ओर जाने वाली धाराओं को धनात्मक तथा संधि से जाने वाली धाराओं को ऋणात्मक लिखा जाता है।

लूप (Loop) क्या है?

एक बंद परिपथ को लूप कहते हैं। जिसमें परिपथ से संबंधित नोड एक से ज्यादा नही होते हैं।

परिपथ(Circuit) क्या है?

एक बंद लूप को परिपथ कहते हैं, जिसमें प्रतिरोधकों, चालकों से होकर विद्युत धारा प्रवाहित होती हैं।

नोड(Node) क्या है?

इसको जंक्शन भी कहते हैं,विद्युत् परिपथ का वह स्थान जहां पर दो या दो से अधिक चालक या कोई अन्य तत्व आकर मिलते हैं, उसे नोड कहते हैं।

धारा तथा वोल्टता का नियम किसने दिया था?

वैज्ञानिक गुस्ताव रॉबर्ट किरचॉफ

इन नियमों की खोज कब हुई?

सन् 1845

वैज्ञानिक गुस्ताव रॉबर्ट किरचॉफ कहां के रहने वाले थे?

जर्मनी

दोस्तों, यदि आपको किरचाफ के नियम पोस्ट अच्छी लगी हो तो कमेंट व शेयर करें।

इन्हें भी पढ़ें:-

6 thoughts on “किरचाफ के नियम

Leave a Reply

Your email address will not be published.