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पोका योक किसे कहते हैं? | प्रकार | अवधारणा | कार्यान्वयन | लाभ

पोका-योक किसे कहते हैं?

पोका योक एक जापानी शब्द है जिसका अर्थ है “गलती-प्रूफिंग” या “अनजाने में त्रुटि की रोकथाम”। पोका योक एक प्रक्रिया में कोई भी तंत्र है जो एक उपकरण ऑपरेटर को मानवीय त्रुटियों को रोकने, सुधारने या ध्यान आकर्षित करके गलतियों और दोषों से बचने में मदद करता है।

पोका योक क्या है? | Pola Yoke kya hai?

यह एक लीन मेन्युफेक्चरिंग प्रोसेस ( Lean Manufacturing Process ) की मेथड है जिसका उद्देश्य गलतियों को सुधारने या रोकने और वर्कर्स की गलतियों की ओर ध्यान को आकर्षित करके प्रोडक्ट्स में आने वाले दोषों को समाप्त करना है। पोका योक ( Poka Yoke ) एक जापानी शब्द है। जिसमें से पहले शब्द पोका ( Poka ) का अर्थ मिस्टेक ( Mistake ) व दूसरा शब्द योक ( Yoke ) का अर्थ प्रूफिंग ( Proofing ) होता है। पोका योक ( Poka Yoke ) का मूल रूप बाका योक ( Baka Yoke ) है। बाका योक ( Baka Yoke ) का अर्थ Fool-Proofing या Idiot- proofing होता है।

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Poka Yoke kya hai
Poka-Yoke
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पोका योक की अवधारणा | Poka Yoke ki avadhaarana

इसकी अवधारणा को सन् 1960 के दशक में जापान के मनुष्य “Shigeo Shingo” से होने वाली गलतियों को रोकने के लिए डिजाइन की गई औद्योगिक प्रक्रियाओं के लिए लागू किया गया था। इसको मेन्युफेक्चरिंग प्रक्रिया के किसी भी चरण में लागू किया जा सकता है।

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पोका योक के प्रकार | Poka Yoke ke Prakar

यह दो प्रकार के होते हैं, जो कि निम्न प्रकार से हैं-

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  • रोकथाम पोका योक ( Prevention Poka-Yoke )- इस प्रकार का पोका योक किसी भी प्रोसेस में दोष/गलती को होने से रोकता है।
  • पोका योक का पता लगाना ( Detection Poka-Yoke )- इस प्रकार का पोका योक प्रोडक्शन में होने वाले दोष/गलती की अनुमति देता है, लेकिन यह एक ही प्रोसेस में या आगे के प्रोसेस में जल्द ही दोष/गलती का पता लगाता है, उसके बाद उस दोष/गलती को दूर करता है।

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पोका योक कार्यान्वयन | Poka Yoke kaaryaanvayan

इसको विनिर्माण प्रोसेस के किसी भी स्टेप में लागू किया जा सकता है, यहां पर इसलिए लागू कर सकते हैं, क्योंकि यहां पर कोई गलती हो सकती है या कुछ दोष निकल सकते हैं या फिर कोई त्रुटि हो सकती है। मास प्रोडक्शन के लिए शिंगो ने दोष/त्रुटियों का पता लगाने के लिए व रोकने के लिए तीन प्रकार के पोका योक को मान्यता दी है, जो कि प्रोडक्ट की आकृति, प्रोडक्ट का साइज, रंग या फिजिकल एट्रीव्यूट्स।

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इन मेथड से प्रोडक्ट्स को चेक करके प्रोडक्ट के दोषों व त्रुटि की पहचान होती है। शिंगो का कहना है कि किसी भी प्रोडक्ट के निर्माण में त्रुटि होना कॉमन है। लेकिन यदि उचित पोका-योक ( Poka-Yoke ) लागू किया जाता है तब दोष/गलती को जल्दी पकड़ा जा सकता है। पकड़ने के बाद दोष/गलती को रोका जा सकता है। स्त्रोत पर दोषों/गलतियों को समाप्त करने पर कंपनी के अंदर गलतियों की लागत कम हो जाती है और प्रोडक्शन के क्वालिटी में सुधार ला सकते हैं।

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पोका योक के लाभ | Poka Yoke ke Laabh

इसका मुख्य लाभ दोषों को रोकना व सुधार करना है, इसके अलावा अन्य लाभ निम्न प्रकार से हैं-

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  1. प्रशिक्षण पर खर्च किए गए समय को कम करना- इसके लागू होने के कारण श्रमिकों को अधिक समस्याओं का ध्यान नहीं देना होगा और आपको इन मुद्दों के बारे में अधिक जानकारी देकर समय को बर्वाद नहीं करना होगा।
  2. निरंतर सुधार की संस्कृति को बढ़ावा देना- पोका-योक कर्मचारियों को समस्याओं को तुरंत हल करने और समस्याओं के मूल कारण को दूर करने के लिए प्रोत्साहित करके एक सुधार-उन्मुख दृष्टिकोण को बढ़ावा देता है ताकि उन्हें बड़ी समस्या बनने से रोका जा सके। यह एक बड़े दुबले निर्माण ढांचे के भीतर लागू करने के लिए एक बढ़िया उपकरण है।
  3. कचरे को कम करना- लेकिन कम दोषपूर्ण उत्पादों का उत्पादन करने का मतलब है कि आप कम सामग्री भी बर्बाद कर रहे हैं। आप दोषपूर्ण उत्पादों पर फिर से काम करने में कम समय खर्च करके भी समय बचाते हैं: उन दोषों की संख्या को कम करने के अलावा जिन्हें ठीक करने की आवश्यकता है, बाद में की बजाय पहले एक दोष को ठीक करना तेज है।
  4. सुरक्षा में सुधार- श्रमिकों को असुरक्षित स्थितियों में प्रवेश करने से रोकने के लिए उपाय करके आप अपने कारखाने की सुरक्षा में सुधार कर सकते हैं।
  5. उच्चतर उत्पादकता जब त्रुटियों को रोका जाता है और दोषों का पता लगाया जाता है और तुरंत हल किया जाता है, तो आपकी प्रक्रियाएं अधिक सुचारू रूप से चलेंगी। नतीजतन, तेज, अधिक कुशल प्रक्रियाएं और कम अपशिष्ट के परिणामस्वरूप उच्च समग्र उत्पादकता होती है।

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पोका योक ( Poka Yoke ) Qna-

पोका योक प्रबंधन के कितने चरण हैं?

इसके तीन चरण होते हैं- जरूरत की पहचान, संभावित गलतियों की पहचान व आवश्यकता को पूरा करने से पहले गलतियों का प्रबंधन

पोका योक ( Poka Yoke ) का जनक कौन है?

पोका योक के जनक Shigeo Shingo हैं।

पोका योक के उदाहरण क्या हैं?

टैप सेंसर, प्रेस प्रेस, यूएसबी/पेनड्राइव आदि।

पोका योक पीपीटी क्या है?

पोका योक एक गुणवत्ता आश्वासन तकनीक है, पोका-योक का उद्देश्य जितनी जल्दी हो सके गलतियों को रोकने या सुधारने के द्वारा उत्पाद में दोषों को खत्म करना है। 1960 में टोयोटा प्रोडक्शन सिस्टम के हिस्से के रूप में डॉ. शिगेओ शिंगो द्वारा अपनाया गया शब्द है।

पोका योक के नुकसान क्या हैं?

खराब तरीके से डिजाइन किया गया पोका योक तंत्र उपयोगी लाभ प्रदर्शित कर सकता है, केवल यह पता लगाने के लिए कि यह 100% समय काम नहीं करता है। मनुष्य के रूप में, हम कुछ करने का एक आसान तरीका खोजना पसंद करते हैं। कुछ प्रकार के पोका-योक उपयोगी प्रतीत होते हैं लेकिन अनपेक्षित प्रभाव पैदा करते हैं।

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