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सुरक्षा के प्रकार, types of safety in hindi?

किसी व्यक्ति को खतरे की जानकारी के आधार पर सुरक्षा की श्रेणी को 5 भाग में विभाजित किया है। जिसकी पूरी जानकारी नीचे दी गई है।

कान की सुरक्षा ( Ear Protection )

जब ध्वनि की मात्रा 90dB या इससे अधिक हो जाती है तो इसे सुनने से श्रवण शक्ति का हास हो सकता है। इससे बचाव के लिए उपयोग किए जाने वाले उपकरण की दक्षता का ज्ञान पहले से होना चाहिए। ईअर / कान की सुरक्षा के लिए उपयोग किए जाने वाले संकेत को चित्र ( 1.22 ) में दर्शाया गया है। श्रवण शक्ति हास से बचाव के उपकरण निम्न प्रकार से हैं।

  1. ईअर प्लग ( Ear Plug ): इनका निर्माण प्लास्टिक, रबर, ग्लास या इन सभी के मिश्रण से किया जाता है। यदि इनको कानों में उचित प्रकार से लगा लिया जाता है तो यह 25-30dB तक ध्वनि सामर्थ्य को कम कर देते हैं। यह स्थिर व अस्थिर दोनों प्रकार के होते हैं। इनको उपयोग में लेने से पहले इनके सम्बन्ध का ज्ञान होना आवश्यक है। यह 105-120dB की ध्वनि से सुरक्षा प्रदान कर सकते हैं। पॉलिमर से निर्मित ईअर प्लग अत्यधिक अच्छे होते हैं जिनसे कानों में दर्द व तनाव नहीं होता है।
  2. ईअर डिफेन्डर, मफ और पैड ( Ear Defenders, Mullf and Pads ) : यह सम्पूर्ण कान को घेर लेते हैं तथा यह ध्वनि की परास को 50dB तक कम कर सकता है। जब वातावरणीय तापमान अधिक होता है तो इनका उपयोग करना अनुकूल नहीं होता है। कार्य करते समय जब चश्मा या गोगल्स पहनना होता है तब इनका उपयोग करना बड़ा कठिन हो जाता हैं। यह 130-135dB की परास ध्वनि से सुरक्षा प्रदान करते हैं।
सुरक्षा के प्रकार, types of safety in hindi
सुरक्षा के प्रकार, types of safety in hindi

त्वचा की सुरक्षा ( Skin Protection )

त्वचा की सुरक्षा के लिए विभिन्न रासायनिक अवयवों का प्रयोग किया जाता है जिनसे हानियां भी होती है। इन रासायनिक अवयवों में अम्ल, एल्केलाइन, क्रोमेट, डाइक्रोम, फॉर्मेल्डिहाइड उपस्थित रहते हैं। पेराफिन और ट्राईक्लोरोएथेलिन के द्वारा त्वचा से साधारण वसा को हटाया जाता है। त्वचा के बचाव के लिए विभिन्न क्रीमों के प्रकार उपलब्ध है जो कार्य के अनुसार प्रयुक्त किए जाते है। ये सभी नर्म वातावरण में भी सुरक्षा प्रदान करती है। क्रीम को कार्य करने से पहले लगाया जाता है।

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स्वसन सुरक्षा ( Respiratory Protection )

धूल, धुंआ, अत्यधिक मात्रा में टॉक्सिक व मिट्टी वाले स्थानों पर कार्य करने वाले मजदूरों के लिए स्वसन सुरक्षात्मक उपकरण ( Respiratory Protection Equipments, RPE ) का प्रयोग अतिआवश्यक होता है। उचित RPE का चयन वास्तविकता में बहुत जटिल होता है। हम फेस मास्क का प्रयोग आण्विक द्रव की कम सान्द्रता वाले स्थान के अलावा हर स्थान पर कर सकते हैं।

  1. संज्ञात्मक सुरक्षात्मक तथ्य ( Nominal Protection Factors ) RPE के चयन के लिए BS4275 का प्रयोग किया जाता है, जिसे NPF कहते हैं। उपकरणों के विभिन्न रूपों के लिए विभिन्न तथ्य प्रयोग किए जाते हैं। NPE, RPE की सैद्धांतिक क्षमता को मापता है। दूषित कणों की वातावरण में सान्द्रता NPF = दूषित कणों की चेहरे ( Face ) पर सान्द्रता
  2. स्वसन बचाव उपकरणों के रूप ( Forms of Respiratory Protection Equipment’s ) स्वसन बचाव उपकरण निम्न प्रकार के होते हैं
    1. फेस मास्क ( Face Masks ) : ये नॉन – टॉक्सिक पेन्ट स्प्रे तथा धूल के कणों को नाक व मुंह से दूर करके उन्हें श्वास उपयोगी बनाने वाले उपकरण होते हैं। ये टॉक्सिक व आपदा कणों से सुरक्षा करने में असमर्थ होते हैं।
    2. सामान्य उद्देश्य वाले श्वसक ( General Purpose Respirators ): ये Ori – nasal फेस मास्क का रूप होते हैं जिनमें तरल व ठोस पदार्थों को भिन्न करने वाला फिल्टर लगा हुआ होता है।
    3. धनात्मक दाबीय शक्तिशाली श्वसक ( Positive Pressure Power Respirators ): यह एक Ori – nasal फेस मास्क ही होता है जिसके अन्तर्गत शक्ति संचालित पैक ( Power Driven Pack ) के साथ लचीली हॉस ( Hose ) जुड़ी रहती है। ये साधारण श्वसक से अधिक प्रभावकारी होते हैं। इनके अन्तर्गत बेहतर फिल्टर प्रयोग किया जाता है जो धनात्मक दाब से संचालित किया जाता है। ये तीन प्रकार के होते हैं
      • जटिल अर्द्ध मास्क श्वसक
      • भारी कार्टब्रिज श्वसक
      • अग्र व पश्च माउन्टेड कैनिस्टर गैस मास्क :
    4. हेलमेट वाला धनात्मक दाबीय श्वसक ( Positive Pressure ) Helmet Respirator ) श्वसक का यह रूप, सिर, नाक, आंख व फेफड़ों की सुरक्षा करता है। यह श्वसक, धूलित वायु को फिल्टर से पास कराता है। अर्द्ध फिल्टर्ड वायु को फाइन फिल्टर बैग में पहुंचाया जाता है। यह फिल्टर्ड वायु, पूर्ण मुखीय क्षेत्र को शीतल वायु प्रदान करती है। अन्त में इस वायु को निर्धारित दर के साथ तल कक्ष में भेज दिया जाता है। इस दर का मान इस प्रकार होता है कि धूल वाले कण, हमारे मुंह या नाक में प्रवेश न कर सके। इसके अन्तर्गत एक बैट्री भी होती है जो निम्न वोल्टेज विद्युत शक्ति प्रदान करती है। यह बैट्री पोर्टेबल होती है, जिसे बेल्ट या जेब में ले जाया जा सकता है।
    5. गैस श्वसक ( Gas Respirators ) : गैस श्वसक दो प्रकार के होते हैं- कार्टब्रिज व कैनिस्टर कार्टब्रिज गैस श्वसक, धूल श्वसक के समान ही होता है। इसमें एक रासायनिक कार्टब्रिज फिल्टर प्रयोग किया जाता है यह कम सान्द्रता वाली नॉन – टॉक्सिक गैस या 100 PPM सान्द्रता तक ही सुरक्षा प्रदान कर पाता है दूसरी तरफ कैनिस्टर श्वसकों को अधिक सान्द्र टॉक्सिक गैसों से सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से निर्मित किया जाता है। इस उद्देश्य के लिए विशेष प्रकार के रासायनिक फिल्टर का प्रयोग किया जाता है। इसमें धूल के कणों को दूर करने के लिए। विशिष्ट फिल्टर का भी प्रयोग किया जाता है।
    6. आपातकालीन बचाव श्वसक ( Emergency Escape Respirator ) : ये श्वसक, आपातकालीन स्थितियों में लोगों की रक्षा के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए जाते हैं। इनको लघु समय के लिए प्रयोग किया जाता है तथा सामान्य सुरक्षा के लिए इनका प्रयोग नहीं किया जाता है।
    7. एयर लाइन श्वसन उपकरण ( Air Line Breathing Apparatus ) : इस यंत्र में प्रदूषण रहित एयर का स्रोत व कम्प्रेस्ड एयरलाइन का प्रयोग किया जाता है। यह लचीले हॉस से जुड़ा हुआ पूर्ण मास्क या अर्द्ध मास्क होता है। यह किसी भी प्रदूषित क्षेत्र में प्रयोग किया जा सकता है परन्तु इसकी एयर लाइन की लम्बाई सीमित होती है। ताजा हॉस उपयोग करने के लिए 10 मी लम्बाई वाला पम्प आवश्यक होता है।
    8. स्वयं कन्टेन्ड श्वसन यंत्र ( Self Contained Breathing Apparatus, SCBA ) : इस यंत्र में स्वतंत्रता से घूमने – फिरने की सुविधा रहती है क्योंकि उपयोगकर्ता स्वयं, श्वसन वायु की सप्लाई को धारण करता है। इसके तीन प्रकार हैं
      • मांग प्रकार कम्प्रेस्ड ऑक्सीजन कम्प्रेस्ड वायु श्वसन उपकरण
      • कम्प्रेस्ड ऑक्सीजन पुर्नप्रवाह श्वसन उपकरण
      • ऑक्सीजन उत्पादन प्रकार

यह उपकरण खुला व बंद परिपथ दोनों प्रकार का हो सकता है। खुले परिपथ में फेफड़े चलित मांग वाल्व या हॉस के द्वारा वायु सप्लाई की जाती है। इसमें हॉस, उपयोगकर्ता के पास रखी हुई कम्प्रेस्ड एयर से जुड़ा रहता है। बंद परिपथ में CO2 दूर करने के लिए शोधक ( Purifier ) का प्रयोग किया जाता है। इस शोधक से प्राप्त शोधित वायु को ऑक्सीजन में मिश्रित कर पुनः श्वसक में भेज दिया जाता है। ये दोनों ही उपकरण, खतरनाक वायुमण्डलीय एवं ऑक्सीजन की कमी वाली स्थिति में प्रयोग किए जाते हैं।

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श्वसन सुरक्षा उपकरणों हेतु ध्यान में रखने योग्य बिन्दु Critical Points for Respiratory Protective Equipments )

श्वसन सुरक्षा उपकरणों हेतु ध्यान रखने योग्य बिन्दु निम्न प्रकार हैं

  1. प्रदूषित कणों का स्तर, आयतन के 2 % से कम होने पर वायु शुद्ध उपकरण तथा 0.1 % से कम होने पर रासायनिक कार्टब्रिज का प्रयोग करें।
  2. कार्यस्थल पर मददकर्ता के साथ RPE का प्रयोग करें।
  3. RPE की समय – समय पर सफाई व विकास के लिए एक सिस्टम बनाएं। सफाई के लिए निम्न प्रक्रिया अपनाएं।
    1. सभी फिल्टर, कैनिस्टर, कार्टब्रिज आदि को हटा दें
    2. मुख्य अवयवों को साबुन व गर्म पानी की सहायता से धोएं।
    3. मुख्य वाले अवयव को गर्म पानी में 5 मिनट तक रखें।
    4. इस अवयव को फॉर्मेलिन या सोडियम हाइपोक्लोराइड के सॉल्यूशन में 5 मिनट तक रखें।
    5. इसके बाद इसे ठंडे जल से धोकर सुखा लें।
  4. दूषित कणों का रंग कोड, प्रकृति व जीवनावधि के बारे में पूर्ण जानकारी के बाद ही कैनिस्टर का प्रयोग करें।
  5. पंक्चर व भौतिकी क्षति होने की जांच करें।
  6. 20 फीट की दूरी पर शुद्ध वातावरण की स्थिति में हॉस मास्क का प्रयोग करें।

शरीर की सुरक्षा ( Protection of Body )

शरीर की सुरक्षा के लिए कई सुरक्षा परिधान उपलब्ध हैं जो हानिकारक रसायनों, तापमान, आर्द्रता, मिट्टी धूल आदि से हमारी रक्षा करते हैं। इन्हें चित्र ( 1.26 ) में दर्शाया गया है।

  1. लेदर एप्रन ( Leather Apron ) ये नुकीली वस्तुओं, गर्म चिप ( Hot Chips ), खुरदरी सतह या वस्तुओं आदि से हमारी सुरक्षा करते हैं।
  2. ऐस्बेस्टॉस एप्रन ( Asbestos Apron ) – ये शरीर को ऊष्मा ( Heat ) से बचाने के लिए प्रयोग किए जाते हैं।
  3. पी.वी. सी . एप्रन ( P.V.C. Apron ) – ये रासायनिक एवं अम्लीय पदार्थों, पेंट, शीतलक आदि से सुरक्षा करने के लिए प्रयोग किए जाते हैं।
  4. लेड एप्रन ( Lead Apron ) – ये एक्स किरणों ( X – Rays ), गामा किरणों ( Gamma Rays ) आदि से सुरक्षा प्रदान करते हैं। चोट करने।
  5. सेफ्टी बेल्ट ( Safety Belt ) – वे लोग जो 10 फीट ( 2 मी ) से ज्यादा ऊंचाई पर कार्य करते हैं उन्हें सुरक्षा पट्टा अनिवार्य रूप से बांधना चाहिए। यह ऊंचाई से गिरने पर व्यक्ति की सुरक्षा करता है तथा दुर्घटना से बचाव करता है।
  6. सस्पेन्शन बेल्ट ( Suspension Belt ) – ये वहां उपयोगी हैं, जहां किसी स्थाई सतह से कार्य न किया जा सके जैसे किसी खम्भे की मरम्मत करते समय

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