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कुचालक किसे कहते हैं? | प्रकार | विशेषताएं | उपयोगी | प्रश्न व उत्तर

एक विद्युत कुचालक (Insulator) एक सामग्री है जिसमें विद्युत प्रवाह स्वतंत्र रूप से प्रवाहित नहीं होता है। कुचालक के परमाणुओं में कसकर बंधे हुए इलेक्ट्रॉन होते हैं जो आसानी से नहीं चल सकते हैं। अन्य सामग्री-अर्धचालक और कंडक्टर-विद्युत प्रवाह को अधिक आसानी से संचालित करते हैं।

कुचालक क्या है? | kuchalak kya hai?

ऐसे पदार्थ, जिनमें हम बिजली को लेकर नहीं जा सकते हैं, उनको कुचालक पदार्थ कहते हैं। इनमें करंट इसलिए प्रवाहित नहीं होता है क्योंकि इनकी प्रतिरोधक क्षमता बहुत अधिक व चालकता न के बराबर होती है।

विस्तार में बताऊँ तो कुचालक वे पदार्थ है जो अपने अन्दर से इलेक्ट्रॉनों का प्रवाह नहीं होने देते विद्युत के अच्छे कुचालक कहलाते हैं। इलैक्ट्रॉनिक सिद्धान्त के अनुसार, इस प्रकार के पदार्थ जिनके परमाणुओं के बाहरी पथों में स्वतन्त्र इलेक्ट्रॉन नहीं होते हैं, वे विद्युत के अच्छे इन्सुलेटर या कुचालक कहलाते हैं। इनके

परमाणुओं के अन्तिम कक्ष में सदैव चार इलेक्ट्रॉन होते हैं। विद्युत के अच्छे कुचालक- रबड़ एस्बेस्टस, अभ्रक, पोर्सलीन, पी.वी.सी. एम्पायर क्लॉथ आदि होते हैं।

यह विद्युत ( Electricity ) के चालक नहीं होते हैं। इसमें संयोजी बैण्ड भरा होता है तथा चालन बैण्ड खाली ( Empty ) होता है। इस प्रकार के पदार्थों में चालन बैण्ड तथा संयोजी बैण्ड के बीच वर्जित ऊर्जा अन्तराल बहुत ज्यादा होता है जो कि लगभग 6eV के बराबर होता है और एक इलेक्ट्रॉन इतनी ऊर्जा ग्रहण नहीं कर सकता कि वो संयोजी बैण्ड से चालन बैण्ड में जा सके।

Kuchalak kise kahate hain
Insulator

कुचालक के कुछ निम्न टाइप निम्नलिखित है-

  • तरल कुचालक- ऐसे कुचालक पदार्थ, जिनकी अवस्था तरल होती है, उन्हें तरल कुचालक कहते हैं। जैसे- तेल, वार्निश आदि।
  • नरम कुचालक- ऐसे कुचालक पदार्थ जो कि वजन में कुछ हल्के होते हैं, उनको नरम कुचालक कहते हैं। जैसे- रबड़, PVC आदि।
  • ठोस कुचालक- ऐसे कुचालक पदार्थ जो कठोर व भारी होते हैं, वह ठोस कुचालक की श्रेणी में आते हैं; जैसे- चीनी मिट्टी, कांच आदि।

कुचालक के प्रकार | Kuchalak ke Prakar

  1. अभ्रक ( Mica )- यह विद्युत का अच्छा कुचालक होता है। इसकी परावैधुत सामर्थ्य बहुत उच्च होती है। इस पर नमी व अग्नि का बहुत कम प्रभाव पड़ता है। यह खनिज पदार्थ है। लगभग 600 ° C पर यह नरम पड़ना शुरू हो जाता है। इसका उपयोग विद्युत प्रेसों में , कम्युटेटर सेगमेन्ट के मध्य एवं कन्डेन्सरों आदि में किया जाता है।
  2. रबड़ ( Rubber )- रबड़ को सख्त बनाने के लिए 5 % गन्धक , जिंक ऑक्साइड तथा लाल रंग का सीसा मिलाया जाता है। इस प्रकार तैयार की गई रबड़ को VIR ( वल्केनाइज्ड इण्डियन रबड़ ) कहते हैं। इससे बैट्री के कन्टेनर , रबड़ के दस्ताने आदि बनाए जाते हैं।
  3. एस्बेस्टस ( Ashestos )- यह शीट बनाने के काम आता है। यह विद्युत प्रेस, ओवन, विद्युत केतली, तथा सर्किट ब्रेकर के आर्क चैम्बर में काम आता है। यह एक खनिज पदार्थ है, जिस पर अम्ल का प्रभाव नहीं पड़ता है।
  4. बैकलाइट ( Bakelite )- यह विद्युत का अच्छा कुचालक होता है। यह विशेष प्रकार का प्लास्टिक पदार्थ है। इसका उपयोग स्विच होल्डर , टर्मिनल बोर्ड सॉकिट विद्युत वायरिंग फिटिंग आदि की सामग्री तैयार करने में किया जाता है। इसे गर्म करके सांचे में ढालकर आवश्यक रूप दिया जाता है। इस प्रकार यह कठोर पदार्थ का रूप धारण कर लेता है।
  5. ऐबोनाइट ( Ebonite )- इसे 30 से 50 % गन्धक को रबड़ में मिलाकर तैयार किया जाता है। 150 ° C पर गर्म करने के पश्चात् यह तैयार होता है। इसका रंग काला होता है। इसका उपयोग बैट्रियों के कन्टेनर टर्मिनल प्लेट तथा यन्त्रों के कवर बनाने में किया जाता है।
  6. पी.वी.सी. ( P.V.C. )- यह एक सिन्थेटिक रासायनिक पदार्थ होता है। इसका पूरा नाम पॉलीविनाइल क्लोराइड होता है। इस पर नमी अम्ल का प्रभाव कम होता है। यह विद्युत का अच्छा कुचालक है। इससे PVC तार एवं केबल बनाई जाती हैं।
  7. पोर्सिलीन ( Poreelain )- यह विद्युत का बहुत अच्छा कुचालक पदार्थ है। यह चीनी मिट्टी से बना पदार्थ होता है। ओवरहैड लाइनों पर लगने वाले पिन शैकल , डिस्क इन्सुलेटर इसी के बनाए जाते है। किट – केट फ्यूज मुख्य रूप से पोर्सिलीन के बने होते हैं। स्विच के आधार इसी से बनाए जाते हैं।
  8. कांच ( Glass )- यह एक अच्छा पारदर्शी कुचालक है। इस पर क्षार, तेजाब , नमी , तेल , ग्रीस आदि का प्रभाव नहीं पड़ता है। इसके द्वारा बल्ब , मर्करी आर्क लैम्प आदि बनाए जाते है। यह शीघ्र टूटने वाला पदार्थ है। इसकी यान्त्रिक शक्ति कम होती है । बल्ब , मर्करी आर्क लैम्प आदि बनाए जाते है ।
  9. लेदराइड पेपर ( Leatheroid Paper )- यह अच्छी परावैद्युत सामर्थ्य का पेपर होता है । इसका रंग हरा व कुछ कालापन लिए होता है। यह E वर्ग के कुचालक पदार्थ में आता है। इसे मोटर वाइन्डिंग में स्लॉट इन्सुलेट करने हेतु काम में लिया जाता है।
  10. प्रेसपेन पेपर ( Prespain Paper )- यह अच्छी परावैद्युत सामर्थ्य, उच्च ग्लेज तथा प्रेस किए पेपर होते हैं। ये पीले रंग में मिलते हैं।
  11. ट्रिपलेक्स पेपर (Triplex paper)- इस पर नमी का असर कम होता है। इसे बनाने के लिए लेदरॉइड पेपर की सतह पर पॉलएस्टर फिल्म की पतली परत चढ़ाई जाती है। सामान्यतः इस पेपर की एक साइड ग्लेज होती है। पेपर के अनुसार रंग भूरा या पीला होता है।
  12. मिलिमैक्स पेपर ( Milimax paper )- यह दूधिया सफेद रंग का एक कृत्रिम पेपर होता है। यह उच्च रूप से अनार्द्रताग्राही होता है। इसकी विद्युतीय यान्त्रिक शक्ति अच्छी होती है। यह वर्ग B तथा E का कुचालक पदार्थ है।
  13. माइकानाइट पेपर या कपड़ा ( Micanite Paper or Cloth )- यह नरम माइका ( अभ्रक ) सम्बन्धित पेपर या कपड़ा होता है। यह उच्च ताप को रोक सकता है यह सफेद रंग का होता है।
  14. एम्पायर क्लॉथ ( Empire Cloth )- यह उच्च रूप से नम्य होता है। सामान्यतः यह उपयोग हुए वार्निश के रंग पर निर्भर करते हुए काले या पीले रंग में मिलता है। यह वाइन्डिंग में क्वॉइल के मध्य सैपरेटर के रूप में काम आता है।
  15. ग्लास फाइबर क्लॉथ ( Glass Fiber Cloth)- यह कांच की रूई का बना कपड़ा होता है। इसकी परावैद्युत सामर्थ्य उच्च होती है। यह बहुत नरम होता है। इसका रंग सफेद अथवा श्वेत पीत होता है। यह 2 मिल 5 मिल , 7 मिल , 10 मिल , 15 मिल मोटाई व एक मीटर चौड़ाई में आता है । इसे वाइन्डिंग में काम में लेते हैं।
  16. कॉटन टेप ( Cotton Tape )- यह कपड़े की बनी टेप 20 मिमी या 25 मिमी चौड़ाई में तथा 10 मी लम्बाई के रोल में मिलती है । यह क्वॉइलों पर वाइन्डिंग करते समय टेपिंग में काम आती है ।
  17. एम्पायर टेप ( Empire Tape )- यह अन्तर्भरण सूती टेप है। इस पर वार्निश चढ़ी होती है। इसका पीला या काला रंग होता है। इसे केबल प्वॉइन्ट पर लगाते हैं।
  18. एम्पायर स्लीव ( Empire Sleeve )- ये स्लीव तांबे के तारों पर वाइन्डिंग चढ़ाने में काम आती है।
  19. पी.वी.सी. स्लीव ( P.V.C. Sleeve )- ये पॉली विनाइल क्लोराइड की बनी होती हैं। ये विभिन्न रंगों में मिलती हैं। ये उच्च रूप से अनार्द्रताग्राही होती हैं। इन्हें खुले लीड टर्मिनल पर चढ़ाया जाता है।
  20. फाइबर ( Fiber )- यह विद्युत का अच्छा कुचालक है । यह लाल रंग का होता है । यह वाइन्डिंग में स्लॉट्स में फंसाने के काम आता है। इसके वाशर भी बनाए जाते हैं। ये 1 मिमी से 12 मिमी मोटाई में मिलते हैं।

अच्छे कुचालक की विशेषताएं (Properties of a Good Insulatory)

अच्छे कुचालक पदार्थों की प्रमुख विशेषताएं निम्न प्रकार हैं-

  1. एक अच्छा कुचालक (Insulator) नमीरोधी होना चाहिए। जिससे उस पर किसी भी प्रकार के वातावरण का प्रभाव न पड़े।
  2. यह बाजार में आसानी से मिल जाने चाहिए।
  3. Kuchalak कभी भी ज्वलनशील नहीं होना चाहिए।
  4. यह यांत्रिक तौर पर मजबूत होना चाहिए। इस पर किसी भी प्रकार की रासायनिक क्रिया का प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए।
  5. इनकी प्रतिरोधक क्षमता बहुत अधिक होनी चाहिए।
  6. विशिष्ट प्रतिरोध ( Specific Resistance )-एक अच्छे कुचालक का विशिष्ट प्रतिरोध 1012 ओह्म सेन्टीमीटर से अधिक होना चाहिए।
  7. नमी ( Moisture )- कुचालक पदार्थ पर नमी या पानी का असर नहीं होना चाहिए।
  8. परमिटीविटी ( Permittivity )-यह किसी कैपेसिटर की धारिता का अनुपात है, जब इसकी प्लेटों को किसी रोधक पदार्थ तथा हवा से कुचालित किया गया हो।
  9. परावैद्युत सामर्थ्य ( Dielectric Strength )-यह कुचालकों में अंतर बताने के लिए काम में ली जाती है । “परावैधुत सामर्थ्य” वह अधिक से अधिक किलो वोल्ट प्रति मिलीमीटर या वोल्ट प्रति मिल ( 1 मिल = 0.001 इंच ) है जो कोई पदार्थ बिना फटे अपने अन्दर रख सकता है।
  10. यान्त्रिक शक्ति ( Mechanical Power )- अच्छे कुचालक को यान्त्रिक शक्ति अच्छी होनी चाहिए जिससे मौसम का प्रभाव इस पर न हो।
  11. तापमान ( Temperature )- कुचालकों की ताप सहने की क्षमता अधिक होनी चाहिए।

इलेक्ट्रिकल में उपयोगी कुचालक

विद्युत को रोकने के लिए अधिकतर लोग किसी न किसी कुचालक का उपयोग करते हैं। फिर चाहें व किसी भी प्रकार व रूप का हो। यदि हमें फर्श पर कुचालक लगाना है, तब हम उस स्थान पर रबड़ का मैच बिछा देते हैं। आपने किसी टावर या पोल में चीनी मिट्टी से बने product से तार को लिपटा देखा होगा।

वह उस स्थान पर कुचालक का काम करती है। इसी तरह से प्रत्येक स्थान पर अलग अलग-अलग प्रकार के कुचालक की आवश्यकता होती है, तो इनको बनाने के लिए अलग-अलग प्रकार के पदार्थों का उपयोग किया जाता है, जो कि निम्न प्रकार से हैं-

  1. कागज
  2. लकड़ी
  3. चीनी मिट्टी
  4. फाइबर
  5. रबड़
  6. अभ्रक
  7. एस्बेस्टस
  8. बैकेलाइट
  9. कांच
  10. बिटुमिन
  11. माइकानाइट
  12. पीवीसी (PVC)
  13. रेशम तथा रूई

कागज (Paper)

यह कुचालक होता है। इसको तेल में डुबाकर वाटर प्रूफ बनाया जा सकता है। कागज में कुछ और रासायनिक पदार्थ मिलाने के बाद, कागज को मोटर की वाइंडिंग में उपयोग किया जाता है।

लकड़ी (Wood)

लकड़ी भी एक कुचालक पदार्थ है, यह सूखी होने पर काम में आती है। पानी से गीली लकड़ी या हरी लकड़ी सुचालक का काम करती है। आपने अपने घरों में लकड़ी के बोर्ड लगा रखे होंगे। यह नमी व आग के प्रभाव में बहुत जल्दी आ जाती है। इसका उपयोग बहुत से बिजली के उपकरणों में किया जाता है।

चीनी मिट्टी (Porcelain)

चीनी मिट्टी एक अच्छा कुचालक है, इसको किसी भी आकार में ढाला जा सकता है। इस पर आग का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। इसका उपयोग फ्यूज (Fuse) बनाने में किया जाता है।

फाइबर (Fiber)

इसका अलग-अलग Size व अलग-अलग मोटाई में पाया जाता है। इसको बहुत आसानी से काटा जा सकता है, जिससे इसको किसी भी प्रकार का रूप दिया जा सकते। इसका यूज बिजली की वायरिंग में पैनल बनाने में किया जाता है।

रबड़ (Rubber)

इस पर पानी का कोई प्रभाव नहीं होता है, लेकिन इस पर तेल व ग्रीस का बहुत अधिक प्रभाव होता है। इसमें गंधक मिली होने के कारण तांबें की तारों पर चढ़ाने से पहले टिनिंग कर ली जाती है। इसकी टिनिंग इसलिए की जाती है, ताकि इसमें उपस्थित गंधक तांबे के तारों को नुकसान न पहुंचा सके। इसका उपयोग दस्ताने बनाने व तार के ऊपर इंसुलेशन के रूप में किया जाता है।

अभ्रक (Mica)

यह एक ऐसा पदार्थ है, जिसमें कुचालक के सभी गुण उपस्थित हैं। यह वाटर प्रूफ व नमी रोधी होता है। यह काफी मोटी मोटी परतों के रूप में पाया जाता है। इसको बाद में पतली परतों में बदला जाता है। इसका उपयोग इलेक्ट्रिकल प्रेस, हीटिंग एलीमेंट बनाने में किया जाता है।

एस्बेस्टस

यह फायर प्रूफ व ऊष्मारोधी होता है, इस पर रासायनिक क्रियाओं का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। यह नमी को सोख लेता है। यह ओवन, प्रेस व केतली बनाने में उपयोगी होता है।

बैकेलाइट

यह पाउडर के रूप में होता है। इसको किसी सांचे में डालकर एक निश्चित रूप दिया जाता है। इसका उपयोग Socket, Switch & Holder आदि बनाने में किया जाता है।

कांच

इसके आर पार देखा जा सकता है। इस पर तेल, ग्रीस व नमी का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। इसके बारीक रेशे बनाकर तार के ऊपर इंसुलेशन के रूप में किया जाता है। लेकिन इसकी यांत्रिक क्षमता बहुत ही कमजोर होती है, जिस वजह से यह आसानी से टूट जाता है। इसका उपयोग मर्करी, लैंप, ट्यूबलाइट व बल्ब बनाने में किया जाता है।

बिटुमिन (Bitumen)

यह रबड़ से काफी सस्ता होता है, यह चारकोल जैसा होता है, इसको गर्म करने पर यह गर्म हो जाता है। इसका उपयोग वार्निश बनाने में व इंसुलेशन के रूप में किया जाता है।

माइकानाइट (Micanite)

जब माइका को वार्निश द्वारा किसी का कागज पर लगाया जाता है, तब उसे माइकानाइट कहते हैं। यह ठंडा होने पर कठोर व गर्म होने पर नरम हो जाता है। इसका उपयोग मोटर वाइंडिंग में लगी तारों को अलग करने में किया जाता है।

पीवीसी (PVC)

इसका पूरा नाम पॉलीविनाइल क्लोराइड है, यह कई पदार्थों से मिलकर बना होता है। इसको किसी भी आकार में ढाला जा सकता है। यह ज्वलनशील व पेट्रोल में घुलनशील होता होता है, इसको मोटा, पतला व नरम किया जा सकता है। इसका अधिकतर उपयोग PVC पाइप बनाने में किया जाता है, इसके अलावा इसका उपयोग Flexible wire में कुचालक के रूप में किया जाता है।

रेशम तथा रूई (Silk & Cotton)

इन कुचालक पदार्थों का उपयोग कम वोल्टेज वाले उपकरणों में किया जाता है। इसका उपयोग टेलीफोन (Telephone) की Coil की टेपिंग करने में किया जाता है।

कुचालक (Insulator) Qna

1.कौन सी धातु विद्युत की कुचालक है?

सीसा धातु विद्युत की कुचालक है।

2.कुचालक पदार्थ कौन से हैं?

कागज, लकड़ी, चीनी मिट्टी, फाइबर, रबड़, अभ्रक, एस्बेस्टस, बैकेलाइट, कांच, बिटुमिन, माइकानाइट, पीवीसी (PVC), रेशम तथा रूई आदि।

3.कुचालक संक्षिप्त उत्तर क्या है?

एक कुचालक एक ऐसी सामग्री है जो आसानी से ऊर्जा ट्रांसफर नहीं करती है।

4.वार्निश व तेल किस प्रकार का कुचालक है?

वार्निश व तेल तरल कुचालक है।

5.कांच व चीनी मिट्टी किस प्रकार का कुचालक है?

कांच व चीनी मिट्टी ठोस कुचालक है।

6.PVC व रबड़ किस प्रकार का कुचालक है?

PVC व रबड़ नरम कुचालक है।

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