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ITI Electrician course Syllabus details in Hindi

ITI Electrician 1st Year course Syllabus

  1. ट्रेड का परिचय , व्यावसायिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य ( TRADE INTRODUCTION , OCCUPATIONAL SAFETY AND HEALTH )
    1. इलैक्ट्रीशियन ट्रेड
    2. व्यावसायिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य
    3. सुरक्षा सावधानियां
    4. सुरक्षा के प्रकार
    5. सुरक्षा चिन्ह
    6. मूल प्राथमिक उपचार
    7. प्रारम्भिक प्राथमिक उपचार
    8. चोट के प्रकार एवं बचाव
    9. आग क्या है, आग के प्रकार, आग लगने के कारण?
    10. आपदा क्या है? (What is disaster?)
    11. तकनीकी आपातस्थिति ( technical emergency )
    12. विद्युत खराबी क्या है इसे कैसे ठीक करें? (POWER FAILURE )
    13. व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE- PERSONAL PROTECTIVE EQUIPMENTS )
    14. सुरक्षा के प्रकार, Types Of Safety In Hindi?
    15. सॉफ्ट स्किल्स ( SOFT SKILLS ) और समय प्रबंधन की महत्त्वता-
    16. 5 ‘ संकल्पना
    17. इलैक्ट्रिकल मेन्स किसे कहते है?
    18. मानक एवं मानकीकरण
    19. इकाइयों की SI प्रणाली
    20. ग्राफिकल संकेत या चिन्ह
    21. BIS के आधार पर विद्युतीय वायरिंग संबंधित चिन्ह
    22. स्टार्टरों के चिन्ह
    23. मशीनों के चिन्ह
    24. मापका यंत्रों में प्रयोग किए जाने वाले चिन्ह
    25. इलेक्ट्रॉनिक्स परिपथों में प्रयोग किए जाने वाले चिन्ह
    26. ITI संस्थान के विभिन्न भागों का भ्रमण एवं अवलोकन
  2. सामान्य हस्त औजार ( COMMON HAND Tools )
    1. ट्रेड हस्त औजार की पहचान , विशिष्टताएं एवं उपयोग
    2. हस्त औजारों का अनुरक्षण
  3. प्रारम्भिक विद्युत ( PRIMARY ELECTRICITY )
    1. प्रारंभिक विद्युत क्या होती है? | विद्युत का सिद्धान्त
    1. इलेक्ट्रॉन
    2. मुक्त इलेक्ट्रॉन
    3. विद्युत सम्बन्धी प्रमुख शब्दावली
    4. मूलभूत इकाइया
    5. विद्युत धारा के प्रभाव
  4. विद्युत पदार्थ एवं केबल ( ELECTRICAL , MATERIALS AND Cables )
    1. विद्युतीय पदार्थ किसे कहते है?
    2. विद्युतरोधक क्या होता है? | विद्युतरोधक के प्रकार
    3. अनुमेय ताप वृद्धि ( PERMISSIBLE TEMPERATURE RISE )
    4. तार क्या है? | धारा वहन क्षमता | तार की विशिष्टताएं
    5. केबल क्या होता है? | केबल के भाग
    6. केबलों का वर्गीकरण ( Classification of Cables )
    7. राष्ट्रीय विद्युत कोड
    8. केबलों को उपयोग करने में अपनाई जाने वली सावधानियां जोड़
  5. सोल्डरिंग ( SOLDERING )
    1. सोल्डरिंग क्या है? तथा इसके प्रकार
    2. पलक्स
    3. सोल्डरिंग प्रक्रिया
    4. सोल्डरिंग से सम्बन्धित सावधानियां एवं देखभाल
  6. डी.सी. परिपथ ( D.C. CIRCUIT )
    1. प्रतिरोध
    2. प्रतिरोधक
    3. प्रतिरोधक के प्रकार
    4. प्रतिरोध के नियम
    5. तापमान का प्रतिरोध पर प्रभाव
    6. प्रतिरोधकों का संयोजन
    7. ओम का नियम
    8. किरचॉफ का नियम
    9. प्रतिरोध का मापन
    10. व्हीटस्टोन सेतु
  7. सामान्य विद्युतीय उपसाधन ( COMMON ELECTRICAL ACCESSORIES )
    1. NEC के अनुसार विद्युत कार्यों में काम में आने वाले उपसाधन
    2. वायरिंग के लिए आवश्यक सामग्री
    3. घरेलू विद्युतीय परिपथ
    4. अलार्म परिपथ
    5. फायर अलार्म
  8. सैल एवं बैट्री ( CELL AND BATTERY )
    1. विद्युत धारा का रासायनिक प्रभाव
    2. विद्युत अपघटन के फैराडे के नियम
    3. विद्युत अपघटन के अनुप्रयोग
    4. सेल एवं बैटरी क्या होता है? | संरचना | प्रकार
    5. प्राथमिक सैल क्या होते है? | अर्थ | प्रकार
    6. द्वितीयक सैल किसे कहते है? | प्रकार | प्राथमिक सैल में अंतर
    7. बैट्रियों के दोष | कारण | निवारण
    8. बैट्री को चार्ज करने की विधियां | बैटरी पुनः चार्ज करें
    9. बैट्री की दक्षता क्या है? | बैट्री की दक्षता कैसे पता करें?
    10. सैलों का समूह | प्रकार | Group of cells type of cells
    11. प्राथमिक ओर द्वितीयक सैल / बैट्री की विशिष्टताएं?
    12. बैट्री की चार्ज दर क्या होती है? | घनत्व मापना | प्रभाव
    13. बैट्री की देखभाल एवं सावधानियां
    14. एनोडाइजिंग | कैथोडिक सुरक्षा क्या है?
    15. इन्वर्टर क्या होता है? | कार्य | प्रकार | अनुप्रयोग
    16. बैट्री चार्जर क्या ओर कैसा होता है? | बैटरी चार्जर कैसे बनाए?
    17. UPS क्या है? | कैसे काम करता है? | UPS के प्रकार?
    18. सोलर सैल / बैट्री क्या है? | उपयोग | सिंबल
  9. वर्कशॉप टूल्स ( WORKSHOP Tools )
    1. फिटिंग टूल्स
    2. कारपेन्ट्री टूल्स
    3. शीट मैटल टूल्स
  10. चुम्बकत्व ( MAGNETISM )
    1. चुम्बक एवं चुम्बकत्व
    2. चुम्बकों का वर्गीकरण
    3. चुम्बक बनाने की विधियां
    4. चुम्बक के गुणधर्म
    5. चुम्बकीय पदार्थ
    6. चुम्बकता सम्बन्धी महत्वपूर्ण परिभाषाएं
    7. विद्युत चुम्बकत्व
    8. घारा ले जा रहे चालक में घुम्बकीय क्षेत्र
    9. सोलेनॉयड
    10. भंवर धाराएं
    11. हिस्टेरेसिस तथा B – H वक्र
    12. चुम्बकों का रख – रखाव एवं अनुरक्षण
    13. विद्युत चुम्बकीय प्रेरण
    14. वैद्युत – स्थैतिकी
    15. संधारित्र
  11. Ac सिस्टम ( AC SYSTEM ) ‌
    1. दिष्ट धारा एवं प्रत्यावर्ती धारा
    2. प्रत्यावर्ती धारा एवं दिष्ट धारा में तुलना
    3. DC की अपेक्षा AC के लाभ
    4. DC की अपेक्षा AC की हानियां
    5. प्रत्यावर्ती धारा से सम्बन्धित शब्दावलियां
    6. श्रेणी परिपथों में पावर
    7. समान्तर परिपथों में पावर
    8. AC परिपथ में शुद्ध प्रतिरोध , इन्डक्टैन्स तथा कैपेसिटेन्स
    9. AC परिपथ में प्रतिरोध तथा इन्डक्टैन्स श्रेणी क्रम में
    10. AC परिपथ में प्रतिरोध तथा कैपेसिटैन्स श्रेणी क्रम में
    11. AC परिपथ में प्रतिरोध , इन्डक्टैन्स तथा कैपेसिटैन्स श्रेणी क्रम में
    12. AC परिपथ में प्रतिरोध तथा इन्डक्टन्स समान्तर क्रम में AC परिपथ में प्रतिरोध तथा कैपेसिटैन्स समान्तर क्रम में AC परिपथ में प्रतिरोध , इन्डक्टैन्स तथा कैपेसिटैन्स समान्तर क्रम में
    13. शक्ति गुणक
    14. सक्रिय एवं आभासी पावर
    15. सिंगल फेज विधुत प्रणाली
    16. तीन – फेज विद्युत प्रणाली
    17. सिंगल – फेज एवं तीन – फेज में तुलना
    18. तीन – फेज प्रणाली से सम्बन्धित शब्दावलियां
    19. स्टार संयोजन
    20. डेल्टा संयोजन
    21. तीन – फेज बैलेन्सड परिपथ में पावर का मापन
    22. 3 फेज अनबैलेंस परिपथ के पावर का मापन
    23. AC परिपथ पर आधारित समस्याएं।
  12. अर्थिग ( EARTHING )
    1. अर्थिग का महत्त्व
    2. अर्थिंग से सम्बन्धित महत्वपूर्ण परिभाषाएं
    3. अर्थिंग की विभिन्न विधियां
    4. अर्थ लीकेज सर्किट ब्रेकर
    5. IS : 3034-1966 के अनुसार अर्थिग विशिष्टताएं
    6. अर्थिग के लाभ और हानियां
    7. अर्थिग के लिए IEC 60364 के दिशा – निर्देशानुसार BIS मानक
    8. अर्थ प्रतिरोध का मान कम करना
  13. बेसिक इलैक्ट्रॉनिक्स ( BASIC ELECTRONICS )
    1. अर्द्ध-चालक
    2. N- प्रकार का अर्द्धचालक
    3. P- प्रकार का अर्द्धचालक
    4. N- प्रकार तथा P- प्रकार के अर्द्धचालकों में अन्तर
    5. P – N संधि
    6. PN संधि डायोड
    7. जीनर डायोड
    8. वेरेक्टर डायोड
    9. टनल डायोड
    10. प्रकाश उत्सर्जक डायोड
    11. फोटो डायोड
    12. डायोड पैरामीटर
    13. हीट सिंक
    14. डायोड रेक्टिफायर
    15. फिल्टर परिपथ
  14. ऑसिलोस्कोप एवं ट्रांजिस्टर ( Oscilloscope and Transistor )
    1. कैथोड – रे ऑसिलोस्कोप
    2. कैथोड – रे ऑसिलोस्कोप के भाग
    3. ट्रांजिस्टर
    4. ट्रांजिस्टर के प्रकार
    5. ट्रांजिस्टर के सिरे
    6. ट्रांजिस्टर की संरचना
    7. ट्रांजिस्टर का कार्य सिद्धान्त
    8. ट्रांजिस्टर के गुण
    9. ट्रांजिस्टर की वायरिंग
    10. ट्रांजिस्टर कनेक्शन
    11. ट्रांजिस्टर के मोड
    12. ट्रांजिस्टर की विशिष्टताएं
    13. ट्रांजिस्टर रेटिंग
    14. ट्रांजिस्टर परिपथ अभिविन्यास
  15. प्रवर्धक एवं दोलित्र ( amplifier and oscillator )
    1. प्रवर्धक
    2. ट्रांजिस्टर प्रवर्धक
    3. प्रवर्धकों का वर्गीकरण
    4. दोलित्र
    5. दोलित्र का सिद्धान्त
    6. दोलित्र स्टेज
    7. दोलित्र के लिए Barkhausen शर्ते
    8. दोलित्रों का वर्गीकरण
    9. दोलित्र के अनुप्रयोग
    10. इन्टीग्रेटेड सर्किट्स
    11. टाइमर IC – 555
  16. पावर अर्द्धचालक युक्तियां ( Power Semiconductor Device)
    1. यूनि जंक्शन ट्रांजिस्टर
    2. क्षेत्र प्रभावी ट्रांजिस्टर
    3. मैटल ऑक्साइड अईचालक क्षेत्र प्रभावी ट्रांजिस्टर
    4. सिलिकॉन नियंत्रित रेक्टिफायर
    5. डायक
    6. ट्रायक
    7. ट्रायक व डायक में अंतर
    8. इन्सुलेटेड गेट बाइपोलर ट्रांजिस्टर
    9. गेट टर्न ऑफ स्विच
  17. डिजिटल इलैक्ट्रॉनिक्स ( DIGITAL ELECTRONICS )
    1. संख्या पद्धति
    2. संख्या पद्धति रूपान्तरण
    3. लॉजिक गेट्स
    4. संयुक्त परिपथ
    5. फ्लिप – फ्लॉप
    6. रजिस्टर
    7. काउन्टर
  18. विद्युत वायरिंग ( electrical wiring )
    1. भारतीय विद्युत नियम
    2. विद्युत वायरिंग स्थापना के नियम
    3. वायरिंग प्रणालियां
    4. वायरिंग के प्रकार
    5. वायरिंग की विशिष्टताएं
    6. केबल
    7. वायरिंग का निरीक्षण
    8. विद्युत वायरिंग का परीक्षण
    9. वायरिंग परीक्षण यंत्र – मैगर
    10. वोल्टतापात संकल्पना
    11. मरम्मत व रख-रखाव हेतु डेटाशीट तैयार करना
    12. पावर वायरिंग
    13. कन्ट्रोल वायरिंग
    14. सूचना संचार मनोरंजक वायरिंग
    15. स्ट्रक्चर्ड केबलिंग सिस्टम
  19. फ्यूज , रिले एवं मिनिएचर सर्किट ब्रेकर ( Fuse, Relay & Miniature Circuit Breaker )
    1. फ्यूज
    2. मिनिएचर सर्किट ब्रेकर
    3. रिले
    4. अर्थ लिकेज सर्किट प्रेकर
  20. डी.सी. मशीन ( D.C. MACHINES )
    1. डी. सी. मशीन क्या है? | भाग | ऊर्जा स्थानतारण
  21. डी . सी . जेनरेटर ( D.C. GENERATOR )
    1. डी.सी. जेनरेटर
    2. डी.सी. जेनरेटर का कार्य सिद्धान्त
    3. डी.सी. जेनरेटर की बनावट
    4. विद्युत वाहक बल
    5. आमेचर वॉयन्डिंग
    6. डी.सी.जनरेटर का वर्गीकरण
    7. आर्मेचर प्रतिक्रिया
    8. कम्युटेशन
    9. डी.सी. जेनरेटर में हानियां
    10. डी.सी. शन्ट जेनरेटरों को समानान्तर क्रम में चलाना
    11. डी.सी , कम्पाउण्ड जेनरेटरों को समानान्तर क्रम में चलाना
    12. डी.सी , जेनरेटर में दोष के कारण एवं उनके निवारण
    13. डी.सी , जेनरेटर क्षमता ( n )
    14. डी.सी. जेनरेटर के अनुप्रयोग
    15. समस्या निवारक रखरखाव
    16. नियमित रखरखाव
    17. डी.सी. जेनरेटर की देखभाल
  22. डी. सी. मोटर ( D.C. MOTOR )
    1. डी.सी मोटर का सिद्धान्त
    2. डी.सी. मोटर की कार्यविधि
    3. डी.सी. मोटर में टॉर्क
    4. डी.सी. मोटर में बैक विद्युत वाहक बल
    5. डी.सी. मोटर में गति व धूव फलक्स का सम्बन्ध
    6. डी.सी. मोटरों का वर्गीकरण
    7. डी.सी. मोटर स्टार्टर
    8. डी.सी. मोटर का गति नियंत्रण
    9. गति नियंत्रण की वार्ड – लियोनार्ड पद्धति
    10. डी.सी. सिरीज मोटर का गति नियंत्रण
    11. डी.सी. मोटर में होने वाली हानियां
    12. डी.सी. मोटर की दक्षता
    13. डी.सी. मोटर में उत्पन्न दोषों के कारण एवं उनके निवारण
    14. डी.सी. मोटर के लिए सावधानियां
    15. डी.सी , मोटर के समस्या निवारक रखरखाव
    16. डी.सी. मोटर का नियमित रखरखाय
    17. डी.सी. मोटर की देखभाल
  23. ट्रांसफॉर्मर ( TRANSFORMER )
    1. ट्रांसफॉर्मर का सिद्धान्त
    2. ट्रांसफॉर्मर की संरचना
    3. ट्रांसफॉर्मर का वर्गीकरण
    4. आउटपुट वोल्टता के आधार पर
    5. कोर की संरचना के आधार पर
    6. फेज की संख्या के आधार पर
    7. शीतलन प्रणाली के आधार पर
    8. ट्रांसफॉर्मर तेल
    9. आउटपुट क्षमता के आधार पर
    10. क्लिप ऑन टैस्टर
    11. व्यावसायिक आधार पर ट्रांसफॉर्मर
    12. ट्रांसफार्मर का वि.वा. बल समीकरण
    13. ट्रांसफॉर्मेशन अनुपात
    14. 3 फेज ट्रांसफॉर्मर वाइकिंग का कनेक्शन
    15. ट्रांसफार्मर का समान्तर कम में प्रचालन
    16. ट्रांसफॉर्मर में वोस्टता नियमन
    17. ट्रांसफॉर्मर हानियाँ
    18. ट्रांसफॉर्मर क्षतियों का मान ज्ञात करना
    19. नो – लोड एवं लोड पर ट्रांसफॉर्मर
    20. ट्रांसफार्मर की दक्षता
    21. ट्रांसफॉर्मर का तेल परीक्षण
    22. भार पर टैप परिवर्तन
    23. ट्रांसफॉर्मर बुशिंग
    24. शुष्क ट्रांसफॉर्मर
    25. ट्रांसफॉर्मर रेटिंग
    26. ट्रांसफॉर्मर दोष एवं कारण
  24. विद्युत मापक यन्त्र ( ELECTRICAL MEASURING INSTRUMENT’S )
    1. विद्युत मापक यंत्रों के प्रकार
    2. सूचक यंत्रों में कार्यरत बल
    3. इन्डीकेटिंग यंत्रों में डैम्पिंग बल
    4. मूविंग क्योइल यंत्र
    5. मूविंग आयरन यंत्र
    6. अमीटर की माय सीमा का विस्तार
    7. वोल्टेज मापन
    8. वोल्टमीटर की सुग्राहिता
    9. ओह्म मीटर
    10. मल्टीमीटर
    11. वाट मीटर
    12. पावर फैक्टर मीटर
    13. मैगर
    14. ऊर्जा मीटर
    15. फ्रीक्वेन्सी मीटर
    16. कला अनुक्रम इन्डीकेटर
    17. ऊर्जा मापी मीटर
    18. टैकोमीटर

ITI Electrician 2st Year course Syllabus

  1. त्रिकलीय प्रेरण मोटर ( THREE PHASE INDUCTION MOTOR )
    1. प्रेरण मोटर का कार्य सिद्धान्त
    2. प्रेरण मोटर की संरचना
    3. प्रेरण मोटर के प्रकार
    4. स्लिप तथा रोटर की गति
    5. बलापूर्ण उत्पादन
    6. स्लिप – बलाघूर्ण अभिलक्षण
    7. प्रेरण मोटरों का प्रारम्भन
    8. 3-फेज प्रेरण मोटर स्टार्टर के कन्ट्रोल तथा पावर परिपथ
    9. प्रेरण मोटरों का गति नियंत्रण
    10. एकल फेजिंग निवारक
    11. प्रेरण मोटर में हानियां
    12. शक्ति प्रवाह आरेख तथा दक्षता
    13. त्रिकलीय प्रेरण मोटरों का अनुप्रयोग
    14. प्रेरण मोटर का रखरखाव
  2. एककलीय मोटर ( SINGLE PHASE MOTOR )
    1. एककलीय प्रेरण मोटर
    2. एककलीय प्रेरण मोटर का द्विघूर्णन क्षेत्र तथा क्रॉस क्षेत्र सिद्धान्त
    3. एककलीय प्रेरण मोटर को प्रारम्भ करने की विधियां
    4. फ्रेक्शनल हॉर्स पावर मोटरें
    5. प्रतिकर्षण मोटर
    6. स्टेपर मोटर
    7. एककलीय तुल्यकालिक मोटर
    8. यूनिवर्सल मोटर
    9. विभिन्न प्रकार की एककलीय मोटर के अनुप्रयोग
    10. फॉल्ट और फॉल्ट रेक्टिफिकेशन
    11. मोटर का ब्रेकिंग सिस्टम
  3. प्रत्यावर्तक ( Alternators )
    1. प्रत्यावर्तक का परिचालन सिद्धान्त
    2. प्रत्यावर्तक की सरचना
    3. प्रत्यावर्तक का विद्युत वाहक बल समीकरण
    4. प्रत्यावर्तक का वर्गीकरण
    5. विभव नियमन
    6. फेज क्रम
    7. डिस्ट्रीब्यूशन और पिच फैक्टर
    8. प्रत्यावर्तक की रेटिंग
    9. प्रत्यावर्तक हानियां
    10. दक्षता
    11. प्रत्यावर्तकों का समान्तर प्रचालन
    12. दो समान्तर क्रमों में प्रचालित प्रत्यावर्तकों के बीच लोड विभाजन
    13. प्रत्यावर्तक पर फील्ड उत्तेजन परिवर्तन का प्रभाव औद्योगिक लोड के शक्ति गुणांक सुधार का प्रभाव
  4. तुल्यकालिक मोटर ( SYNCHRONOUS MOTOR )
    1. तुल्यकालिक मोटर की संरचना
    2. तुल्यकालिक मोटर का कार्य सिद्धान्त
    3. तुल्यकालिक मोटर पर लोड का प्रभाव
    4. तुल्यकालिक मोटर पर लोड बढ़ाने का प्रभाव
    5. तुल्यकालिक मोटर के फेजर आरेख
    6. तुल्यकालिक मोटर पर उत्तेजन का प्रभाव
    7. ‘V’ वक्र तथा उल्टे ‘V’ वक्र
    8. न्यून शक्ति गुणक के कारण
    9. प्रत्यावर्तकों पर न्यून शक्ति गुणक का प्रभाव
    10. तुल्यकालिक मोटर द्वारा शक्ति गुणक सुधार के लिए औद्योगिक अनुप्रयोग
    11. तुल्यकालिक मोटर प्रारम्भ करने की विधियां
    12. तुल्यकालिक मोटर की विशेषताएं
    13. तुल्यकालिक मोटर के अनुप्रयोग
    14. तुल्यकालिक मोटर के लाभ व हानियां
  5. कनवर्टर ( CONVERTER )
    1. इनपुट व आउटपुट पावर के आधार पर कनवर्टर के प्रकार
    2. इनवर्टर
    3. मोटर – जनरेटर सेट
    4. सॉलिड – स्टेट कन्ट्रोलर
    5. सॉलिड – स्टेट इन्वर्टर
    6. परिवर्ती स्पीड ड्राइव
  6. ट्रांसफॉर्मर वाइन्डिंग ( Transformer winding )
    1. वाइन्डिंग की स्थिति
    2. ट्रांसफॉर्मर वाइन्डिंग की डिजाइन
    3. विभिन्न वाइन्डिंग तकनीक
    4. विभिन्न प्रकार की वाइन्डिंग की परास
  7. डी.सी. व ए.सी, मशीन आर्मेचर वाइन्डिंग ( D.C. AND A.C. MACHINE ARMATURE Winding )
    1. डी.सी. मशीन वाइन्डिंग
    2. डी.सी , आर्मेचर वाइन्डिंग से संबंधित परिभाषाएं
    3. डी.सी. आर्मेचर वाइन्डिंग के प्रकार
    4. क्वॉइल कनेक्शन
    5. विकसित वाइन्डिंग आरेख
    6. ग्राउलर
    7. वाइन्डिंग के लिए प्रयोग होने वाले पदार्थ
    8. ए.सी. मशीन आर्मेचर वाइन्डिंग
    9. आर्मेचर वाइन्डिंग से संबंधित परिभाषाएं
    10. संयोजित आर्मेचर वाइन्डिंग
    11. आर्मेचर वाइन्डिंग के प्रकार
    12. एककलीय एवं त्रिकलीय प्रेरण मोटर के लिए वाइल्डिंग आरेखन
    13. प्रत्यावर्तक वाइन्डिंग का आरेखन
  8. प्रदीपन ( ILLUMINATION )
    1. प्रकाश का विवरण
    2. प्रदीपन से सम्बन्धित शब्दावली
    3. प्रदीपन के कारक
    4. प्रदीपन के नियम
    5. प्रकाश व्यवस्था के प्रकार
    6. लैम्प के प्रकार
    7. अन्य लैम्प
    8. प्रदीपन की गणना
    9. प्रदीपन का स्तर
    10. सोलर लैम्प
  9. औद्योगिक एवं घरेलू वायरिंग ( INDUSTRIAL AND DOMESTIC Wiring )
    1. औद्योगिक वायरिंग
    2. औद्योगिक कोड तथा सम्बन्धित स्पेन
    3. विद्युत मोटर की वायरिंग
    4. कन्ट्रोल पेनल की वायरिंग
    5. वायरिंग ले-आउट से संबंधित भारतीय वैद्युत नियम
    6. वायरिंग से संबंधित मुख्य बिन्दु
    7. ग्राफीय चिन्ह
    8. घरेलू वायरिंग ले-आउट
    9. N.E.C. के अनुसार स्टिल्ट लोड वायर
    10. घरेलू विद्युत उपकरणों के दोष ज्ञात करना और दोष निवारण
    11. सजावटी लाइटिंग
    12. सजावटी लाइटों में फॉल्ट ज्ञात करने की तकनीक
    13. परिपथ वियोजक
  10. घरेलू एवं कृषि उपकरण ( DOMESTIC AND AGRICULTURAL APPLIANCES )
    1. घरेलू उपकरण
    2. घरेलू उपकरणों का रख-रखाव
    3. कृषि उपकरण
    4. अन्य कृषि उपकरण
    5. कृषि उपकरणों के रख-रखाव

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