कम्युनिकेशन शब्द का उपयोग सर्वप्रथम किसने किया?
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कम्युनिकेशन शब्द का उपयोग सर्वप्रथम किसने कियाा?

कम्युनिकेशन (Communication) शब्द का उपयोग हेराल्ड लॉसवेल के अनुसार, Communication माध्यम के मुख्य कार्य Information संग्रह व प्रसार, सूचना विश्लेषण, सामाजिक मूल्य व ज्ञान का संप्रेषण तथा लोगों का मनोरंजन करना है।

कम्युनिकेशन (Communication) का अर्थ

कम्युनिकेशन का तात्पर्य किसी विचार, भाव, जानकारी अथवा सूचना को दूसरों तक स्थानांतरित करना है। ‘संचार’ शब्द अंग्रेजी भाषा के ‘Communication’ शब्द का हिंदी अर्थ है।
Communication शब्द की उत्पत्ति लैटिन भाषा के ‘Communis’ शब्द से हुई है।

Communication
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Communication

‘Communis’ का अर्थ होता है- “किसी माध्यम के द्वारा किसी विषय या वस्तु की साझेदारी करना अथवा अपने विचारों व भावनाओं को दूसरों के साथ शेयर करना ‘संचार’ कहा जा सकता है।

उदाहरण- जब एक Teacher अपने विचारों को‌ छात्रों तक पहुँचाने के लिए भाषण अथवा लेक्चर का सहारा लेता है तब उसका उद्देश्य छात्रों तक उक्त संचार (Communication) के अर्थ को मात्र सम्प्रेषित करना होता है।

कई विद्वानों द्वारा कम्युनिकेशन को अपने-अपने तरीके से परिभाषित किया गया है। उनमें से कुछ प्रमुख definitions निम्न हैं-

विद्वान Coffin and Shaw ने कहा

संचार आपसी समझ का एक विनिमय है।”
(“Communication is an exchange of understanding.”)

विद्वान Denis Macquail ने कहा

संचार वह प्रक्रिया है जो समानता को बढ़ाती है।”
(“Communication is a process which increases Commonality.”)

विद्वान Mr. Havland ने कहा

संचार या कम्युनिकेशन वह बल है जिसके द्वारा कोई व्यक्ति अन्य व्यक्तियों के व्यवहार में बदलाव लाने के उद्देश्य से सूचनाओं अथवा उद्दीपकों का स्थानांतरण करता है।”
(“Communication is the force by which an individual communication transmits stimuli to modify the behaviour of other individuals.”)

ऊपर दी गई सभी परिभाषाओं से स्पष्ट होता है, कि कम्युनिकेशन वह प्रक्रिया है जिसमें दो या दो से अधिक लोगों के बीच विचारों, अनुभूतियों, प्रतिक्रियाओं, तथ्यों व प्रभावों का परस्पर आदान-प्रदान होता है।

कम्युनिकेशन ऐसा होना चाहिए जिसमें सम्प्रेषण और संग्राहक के बीच सामंजस्य स्थापित हो, उनमें जागरूकता उत्पन्न हो और उन्हें आवश्यक Knowledge प्राप्त हो सके।

दूसरे शब्दों में- यह सम्प्रेषण की वह कार्यवाही है जिसके द्वारा लोगों को ज्ञान, अभिवृत्ति व विचार को निर्मित व परिवर्तित किया जाता है।

कम्युनिकेशन की विशेषताएं (Features of Communication)

कम्युनिकेशन की सबसे प्रमुख विशेषता यह है कि वह गतिशील, जटिल व व्यवस्थित अथवा क्रमबद्ध होता है। इसके साथ ही, इसमें कारण तथा प्रभाव साथ साथ घटित होते हैं, इसके विशेषताओं के बारे में निम्न प्रकार से है-

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1.Mobility (गतिशीलता)

Communication मेन गतिशीलता पाई जाती है, इसमें प्रेषित तथा प्राप्त होने वाले Message का स्वरूप व अर्थ परिवर्तनशील होता है। प्रसंग विशेष के अनुसार Message के अर्थ में बदलाव होता है; जैसे- “कार्य के प्रति निष्ठावान रहें।”

यह Message Industries प्रतिष्ठानों, Government office में काम कर रहे कर्मचारियों, स्कूल या कॉलेज के शिक्षकों, छात्रों आदि के लिए अलग-अलग अर्थ रखता है।

2.Complexity (जटिलता)

संचार एक अन्त:क्रियात्मक संचार की प्रक्रिया को प्रभावित करने वाले अनेक तत्व होते हैं; जैसे- पसंद-नापसंद, व्यक्तित्व, मनोवृत्ति, व्यवहार के तौर-तरीके आदि। यह सभी तत्व या कारक संदेश के स्त्रोत व प्राप्तकर्ता दोनों से संबंधित हैं।

3.Seriality (क्रमबद्ध)

कम्युनिकेशन एक व्यवस्थित Process है, क्योंकि इसके अंतर्गत व्यक्तियों के बीच आदान-प्रदान होने वाले चर एक-दूसरे पर आश्रित व अन्त: क्रियात्मक होते हैं; जैसे- एक बच्चे द्वारा बोलने हेतु किया गया प्रयास अनेक परिवर्त्यों पर आश्रित होता है। उसकी शारीरिक आयु, अभिभावकों का दबाव, घरेलू वातावरण, बुद्धि आदि कई चर इसे प्रभावित करते हैं।

4.Origin of Cause and Effect Together (कारण व प्रभाव की एक साथ उत्पत्ति)

संचार या Communication की प्रक्रिया में कारण तथा प्रभाव दोनों एक साथ घटित होते हैं; जैसे- “मैं खाना नहीं खाऊंगा।” इसका मुख्य कारण भूख नहीं लगना भी हो सकता है और किसी के साथ तनाव अथवा बहस होने के प्रभावस्वरूप भी खाने की इच्छा समाप्त हो सकती है। इस प्रकार के संचार की प्रक्रिया में एक चर एक परिस्थिति में कारण तो दूसरी परिस्थिति में प्रभाव साबित हो सकते हैं।

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