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मापन किसे कहते हैं? मापन कितने प्रकार के होते हैं?

मापन (Measurement) किसी वस्तु या घटना की विशेषताओं का परिमाणीकरण है, जिसका उपयोग अन्य वस्तुओं या घटनाओं के साथ तुलना करने के लिए किया जा सकता है। यह प्रणाली सभी भौतिक मापों को सात आधार इकाइयों के गणितीय संयोजन में कम कर देती है। माप विज्ञान के क्षेत्र में मापन विज्ञान का अनुसरण किया जाता है।

मापन किसे कहते हैं?

“मापन औजारों या उपकरणों से प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष रूप से मापने की क्रिया को मापन (Measurement) कहते हैं।”

Mapan kya hai
Measurement

वर्कशॉप में अनेको प्रकार के उत्पाद (product), दी गई ड्रॉइंग की माप के अनुसार बनाए जाते हैं और ड्रॉइंग में लम्बाई, चौड़ाई, ऊँचाई, कोण आदि मापें दी होती हैं। इन्ही मापों के अनुसार वर्कशॉप में उत्पादन (production) का कार्य होता है।

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मापन की इकाइयाँ

हम प्रत्येक राशि (amount) की माप के लिए एक मानक मान लेते हैं, जिसके आधार पर उस राशि की माप की जाती है। इस मानक को ही मात्रक कहते हैं। और किसी भी राशि के विषय में पूरा जानने के लिए दो बातों का ज्ञान (knowledge) होना आवश्यक है

a.मात्रक

मात्रक (unit) हम उसे कहते हैं, जिसमें वह राशि मापी जाती है।

b.संख्यात्मक मान

इसके अन्तर्गत हम उस राशि के परिमाण (quantity) को प्रदर्शित करते हैं।

मापन की विभिन्न प्रणाली

यह मुख्य रूप से तीन प्रकार (three types) की होती हैं-

1.MKS प्रणाली

इस प्रणाली में लम्बाई को मीटर (m), द्रव्यमान को किग्रा (kg),और समय को सेकण्ड (s) में मापा जाता है। इसे मीट्रिक प्रणाली भी कहते हैं। इसमें लम्बाई की सबसे बड़ी यूनिट ‘किमी’ होती है।

1 किलोमीटर = 10 हेक्टोमीटर
1 हेक्टोमीटर = 10 डेकामीटर
1 डेकामीटर = 10 मीटर
1 मीटर = 10 डेसीमीटर
1 डेसीमीटर = 10 सेन्टीमीटर
1 सेन्टीमीटर = 10 मिलीमीटर
1 माइक्रोन = 10-6 मीटर

2.CGS प्रणाली

इस प्रणाली में लम्बाई को सेमी (cm), द्रव्यमान को ग्राम (g),और समय को सेकण्ड (s) में मापा जाता हैं। यह इकाइयाँ बहुत छोटी होती हैं।

इस प्रणाली में लम्बाई (length), आयतन, तौल, कोण व समय की माप की पूरी जानकारी नीचे दी है, जो निम्न प्रकार हैं-

लम्बाई की माप

10 मिमी = 1 सेमी
10 सेमी = 1 डेसीमीटर
10 डेसीमीटर = 1 मीटर
10 मीटर = 1 डेकामीटर
10 डेकामीटर = 1 हेक्टोमीटर
10 हेक्टोमीटर = 1 किमी

आयतन की माप

10 मिली = 1 सेन्टीलीटर
10 सेन्टीलीटर = 1 डेसीलीटर
10 डेसीलीटर = 1 लीटर
10 लीटर = 1 डेकालीटर
10 डेकालीटर = 1 हेक्टोलीटर
10 हेक्टोलीटर = 1 किलोलीटर

तौल की माप

10 मिलीग्राम = 1 सेन्टीग्राम
10 सेन्टीग्राम = 1 डेसीग्राम
10 डेसीग्राम = 1 ग्राम
10 ग्राम = 1 डेकाग्राम
10 डेकाग्राम = 1 हेक्टोग्राम
10 हेक्टोग्राम = 1 किलोग्राम
100 किलोग्राम = 1 क्विंटल
10 क्विंटल = 1 मीट्रिक टन

कोण की माप

1 वृत्त = 400 ग्रेड
1 समकोण = 100 ग्रेड
1 ग्रेड = 100 मिनट
1 मिनट = 60 सेकण्ड

समय की माप

60 सेकण्ड = 1 मिनट
60 मिनट = 1 घण्टा
24 घण्टे = 1 दिन

3.FPS प्रणाली

इसमें लम्बाई को फुट (foot), द्रव्यमान को पाउण्ड (pound), और समय को सेकण्ड (s) में मापा जाता हैं, इसे ब्रिटिश प्रणाली (british system) भी कहते हैं। इसमें लम्बाई की सबसे बड़ी यूनिट ‘मील’ होती है।

इस प्रणाली में लम्बाई (length), ताप, आयतन, तौल तथा कोण की माप की पूरी जानकारी नीचे दी है, जो निम्न प्रकार हैं-

लम्बाई की माप

1 मील = 1760 गज = 5280 फुट
1 गज = 3 फुट = 36 इंच
1 इंच = 64 भाग , तब 1 भाग = 1/64 इंच
1 इंच = 32 भाग , तब 1 भाग = 1/32 इंच
1 इंच = 16 भाग , तब 1 भाग = 1/16 इंच
1 इंच = 8 भाग , तब 1 भाग = 1/8 इंच

ताप की माप

सेन्टीग्रेड = 0℃ से 100℃
फारेनहाइट = 32°F से 212°F

आयतन की माप

1 गिल = 1 पैंट
2 पैंट = 1 क्वाटर
4 क्वाटर = 1 गैलन
1 US गैलन = 231 घन इंच
7.48 US गैलन = 1 घन फुट
1 ब्रिटिश इम्पीरियल गैलन = 1.2 US गैलन

तौल की माप

2711.32 ग्रेन = 1 ड्राम
16 ड्राम = 1 औंस
16 औंस = 1 पौण्ड
28 पौण्ड = 1 क्वाटर
4 क्वाटर = 1 हन्ड्रैड
112 पौण्ड = 1 बैंट
20 बैंट = 1 टन

कोण की माप

1 वृत्त = 360° डिग्री या 360° = 4 समकोण
1 समकोण = 90°
1 डिग्री = 60 मिनट
1 मिनट = 60 सेकण्ड
1 रेडियन = 57.3°
π रेडियन = 180°

कोण को मापने की इकाइयाँ

किसी भी कोण को डिग्री में मापा जाता है। इसलिए हम किसी भी वृत्त को 360° में बाँट लेते हैं, जिसका प्रत्येक भाग 1° के बराबर जाता है।

इसके बाद प्रत्येक डिग्री को 60 बराबर भागों में बाँट करके उसके प्रत्येक भाग को मिनट में अंकित करते हैं। और अन्त में एक मिनट के फिर 60 भाग करके उससे होने वाले प्रत्येक भाग को एक सेकण्ड (one second) का नाम देते हैं।

1 वृत्त = 360° डिग्री या 4 समकोण या 90°
1 समकोण = 90°
1 डिग्री = 60 मिनट
1 मिनट = 60 सेकण्ड
1 रेडियन = 57.3°
π रेडियन = 180°

वर्कशॉप में डिग्री, मिनट (minute) तथा सेकण्ड को प्रदर्शित करने के लिए निम्न संकेतों का प्रयोग करते है।

  • डिग्री = (° ) ब्रैकिट के अन्दर वाला चिन्ह (symbol) अंक के ऊपर लगाते हैं।
  • मिनट = (‘ ) ब्रैकिट के अन्दर वाला चिन्ह (symbol) अंक के ऊपर लगाते हैं।
  • सेकण्ड = (” ) ब्रैकिट के अन्दर वाला चिन्ह (symbol) अंक के ऊपर लगाते हैं।

जैसे:- 15 डिग्री 10 मिनट 5 सेकण्ड को निम्न प्रकार लिखते हैं-

( 15° – 10′ – 5″ )

ब्रिटिश तथा मीट्रिक प्रणाली में सम्बन्ध

इसमें लम्बाई (length) की माप में निम्न सम्बन्ध स्थापित किए जा सकते हैं।

1 इंच = 2.54 सेमी = 25.4 मिमी
1 फुट = 30.48 सेमी = 0.3048 मीटर
1 गज = 0.914 मीटर
1 मील = 1.6093 किलोमीटर = 1609.3 मीटर
1 किलोमीटर = 0.0397 इंच
1 सेमी = 0.394 इंच
1 मीटर = 39.37 इंच = 1.094 गज

मापन की विधियाँ

वर्कशॉप में हम विभिन्न प्रकार के मापक उपकरणों (measuring equipment) का उपयोग करते हैं। इन उपकरणों द्वारा हम तीन प्रकार से माप ले सकते हैं

1.प्रत्यक्ष मापन

इस विधि में जॉब की माप सीधे ही रूल, माइक्रोमीटर (micrometre), वर्नियर कैलीपर, बेवेल प्रोट्रैक्टर द्वारा ली जाती है।

2.अप्रत्यक्ष मापन

इस विधि में जॉब की माप पहले बाह्म कैलीपर (outside calliper) डिवाइडर, टेलिस्कोपिक गेज द्वारा ली जाती है, इसके बाद हम माप को स्टील रूल पर स्थानान्तरित करके मुख्य माप प्राप्त हो जाती है।

3.तुलनात्मक मापन

इस विधि में जॉब की माप, किसी मास्टर पीस (master price) से तुलना करके ली जाती है।

मापन कितने प्रकार के होते हैं?

यह निम्न प्रकार से हैं-

1.रेखीय मापन

सीधी-रेखा में मापे जाने वाली माप को रेखीय माप (linear measurement) कहते हैं। इस माप को रूल, स्केल, माइक्रोमीटर आदि के द्वारा मापा जाता है।

2.कोणीय मापन

दो रेखाओं के प्रतिच्छेद बिन्दु की माप को कोणीय माप (angular measurement) कहते हैं। इस माप को ट्राई-स्क्वायर, चाँदा, बेवेल स्क्वायर, कॉम्बीनेशन सैट आदि के द्वारा मापा जाता है।

3.त्रिज्य मापन

किसी कार्यखण्ड की गोलाई (त्रिज्य) में माप लेना उसकी त्रिज्य माप (radial measurement) कहलाती है। इस माप को रिंग गेज, प्लग गेज, त्रिज्य गेज आदि के द्वारा मापा जाता है।

4.समतल सतह मापन

इस प्रकार की माप में कार्यखण्ड (job) की समतलता को मापा जाता है। कार्यखण्ड की समतलता की माप सर्फेस गेज (surface gauge), सर्फेस प्लेट, डायल टेस्ट इण्डीकेटर आदि के द्वारा ली जाती है।

मापन में त्रुटियां

दोस्तों, जब आपको आईटीआई या अन्य किसी स्थान, वर्कशॉप, टूलरूम में कोई मापक टूल माप ज्ञात करने के लिए दे दिया जाए, तब आपको यदि उस टूल की संपूर्ण जानकारी नहीं है, तब आप माप लेने में त्रुटि या गलती करोगे। इसलिए आपको इन त्रुटियों की जानकारी पाना अति आवश्यक है।

मापन में त्रुटि कितने प्रकार की होती है?

मापन करने में मानव से निम्न त्रुटियां हो सकती हैं, जो कि निम्न प्रकार से हैं-

1.कॉन्टैक्ट त्रुटियां

मनुष्य द्वारा यह त्रुटि इसलिए होती है, क्योंकि माप लेने वाले टूल के जबड़े(Jaws), प्लंजर, एनविल(Anvil) आदि पर ग्रीस लगी होने के कारण या धूल आ जाने के कारण वस्तु का टूल से ठीक संपर्क नहीं बन पाता है। इस त्रुटि (error) से बचने के लिए टूल को उपयोग में लाने से पहले साफ कर लेना चाहिए।

2.ज्यामितीय त्रुटि

यह त्रुटि इसलिए होती है, कि किसी वस्तु या वस्तु के अंगों का आरेखन खींचते समय उसके आकार में उत्पन्न होने वाली विमीय त्रुटियों के कारण होती है। यह त्रुटि निम्न हैं-

(i)माइक्रो-ज्यामितीय त्रुटि

ऐसी त्रुटि इस कारण से होती है, कि माप लेते समय वस्तु की सतह खुरदरी होने पर मापक यंत्र का प्लंजर सतह पर बने पीक तथा वैलीज (Peaks and Valleys) के कारण ठीक माप नहीं ले पाता है। इस तरह से सतह की गलत रीडिंग प्राप्त होती है।

खुरदरी सतह की माप लेने के लिए व सही माप ज्ञात करने के लिए सतह पर कई माप लेकर उसका औसत मान लेना चाहिए।

(ii)मैक्रो-ज्यामितीय त्रुटि

इस प्रकार की त्रुटि उस समय उत्पन्न होती है, जब मापे जाने वाली वस्तु का आकार सम नहीं होता है; जैसे- वस्तु का आकार ‘V’ शेप में होता है।

इस प्रकार की वस्तु की सही माप ज्ञात करने के लिए वस्तु को अलग-अलग स्थानों पर कई बार माप लेने के बाद, उसका औसत मान निकाल लेना चाहिए।

3.रैंडम त्रुटियां

इस प्रकार की त्रुटि टूलों में समय परिवर्तन के कारण व अचानक से होती है, जैसे- हवा में नमी होने के कारण, गन्दगी होने के कारण, कम्पनों के कारण व तापमान में अंतर होने के कारण आदि।

4.सिस्टेमैटिक त्रुटि

इस प्रकार की त्रुटि का मूल कारण मापक यंत्रों की कमी होता है। यह त्रुटि दो प्रकार की होती हैं-

(i)ज्ञात सिस्टेमैटिक त्रुटि

इस प्रकार की त्रुटि टूल के जबड़े घिसने या बैकलेश (backlash) के कारण होती है। इसे ज्ञात सिस्टेमैटिक त्रुटि इसलिए कहते हैं क्योंकि इस त्रुटि का हमें ज्ञात रहता है। कि यह किस प्रकार की है तथा परिणाम की है।

इसे माप लेने के पश्चात् उसमें से जोड़-घटा करके शुद्ध माप निकाल सकते हैं। यह त्रुटि अधितर आपको वर्नियर कैलिपरमाइक्रोमीटर में देखने को मिल जाएगी।

(ii) अज्ञात सिस्टेमैटिक त्रुटि

इस प्रकार की त्रुटि का हमें ज्ञात नहीं रहता है, यह त्रुटि टूलों में घर्षण (Friction) के कारण होती है। यदि एक दिशा में घर्षण अधिक तथा दूसरी दिशा में घर्षण कम हो तो दोनों दिशाओं में माप अलग-अलग आएगी। इस त्रुटि का कोई हल नहीं होता है।

5.कोसाइन त्रुटि

यदि मापक का प्लंजर जॉब की सतह के ठीक ऊर्ध्वाधर न हो तो ली जाने वाली माप में अंतर आ जाएगा। इस त्रुटि को साइन त्रुटि कहते हैं।

6.समान्तर त्रुटि

किसी तिरछे जॉब की मोटाई को मापने के लिए मापक यंत्र के एनविल (Anvil) आगे से गोल अथवा नुकीले (Pointed) होने चाहिए अन्यथा फ्लैट एनविल होने पर माप में समान्तर त्रुटि आ जाएगी।

7.ऑब्जर्वेशन त्रुटि

किसी भी टूल से रीडिंग (Reading) लेते समय उसे ठीक सामने से देखना चाहिए नहीं तो माप में त्रुटि आ जाएगी।

Measurement QNA-

1.मापन की क्यों आवश्यकता होती है?

किसी भी वस्तु या स्थान की लंबाई, दूरी, भार, समय आदि की सटीक जानकारी प्राप्त करने के लिए मापन की आवश्यकता होती है।

2.Mapan के मानक मात्रक कौन-से हैं।

इसके मानक मात्रक लंबाई का मीटर, द्रव्यमान का किग्रा, समय का सेकंड, वैद्युत धारा का एम्पियर, ताप का केल्विन, ज्योति-तीव्रता का कैन्डला है।

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