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सैलों का समूह | प्रकार | Group of cells type of cells

नमस्कार दोस्तों, आज के इस लेख में हम आपको सिखाने वाले हैं कि सेलो के समूह कितने प्रकार का होता है। और इन सेलो के समूह के प्रकारों में रखने से इन से क्या आउटपुट आती है अर्थात क्या फायदा मिलता है तो अगर आप जाना चाहते हैं तो इस लेख को पूरा जरूर पढ़े तो चलिए शुरू करते हैं।

एक विद्युत परिपथ में वांछित मात्रा ( अधिक ) की धारा निम्न वोल्टेज वाले सैलों के समानान्तर एवं श्रेणी क्रम संयोजन से प्राप्त की जा सकती है । अतः सैलों को समूहों में ( श्रेणी-समानान्तर क्रम ) जोड़ना आवश्यक होता है।

श्रेणी क्रम में समूहन ( Series Grouping )

सैलों को जोड़ते समय प्रथम सैल का धनात्मक सिरा द्वितीय सैल के ऋणात्मक सिरे से द्वितीयक सैल का धनात्मक सिरा तृतीय सैल के ऋणात्मक सिरे से जुड़े होते हैं और यदि यह क्रम चलता जाए तो सभी सैल श्रेणी क्रम में कहलाते हैं ।

माना कि n सैल श्रेणी क्रम में लगे हैं व प्रत्येक का वि.वा.ब. e है। प्रत्येक सैल का आन्तरिक प्रतिरोध r व बाहरी प्रतिरोध R है । इस प्रकार बैट्री का वि.वा.ब. ( E ) = n x e ( श्रेणी के सैलों की संख्या x प्रत्येक सैल का वि.वा.ब. )

सेल  बैटरी सीरीज ग्रुपिंग  Cell  battery Series Grouping
सेल बैटरी सीरीज ग्रुपिंग Cell battery Series Grouping

कुल आन्तरिक प्रतिरोध = n x r

धारा (I) कुल वोल्टेज /कुल प्रतिरोध =

सैलों की संख्या श्रेणी क्रम में x प्रत्येक सैल का वि . वा . ब . / सैलों की संख्या x आन्तरिक प्रतिरोध + बाहरी प्रतिरोध = ne/ nr + R

यदि बाहरी प्रतिरोध का मान अधिक हो तो nr नगण्य होगा ।

समानान्तर क्रम में समूहन ( Parallel Grouping )

चित्रानुसार सभी सैलों के धनात्मक सिरे आपस में जोड़े जाएं व ऋणात्मक सिरे आपस में जोड़े जाएं एवं दोनों के बिन्दुओं से तार बाहर निकाला जाए तो परिपथ समानान्तर परिपथ बनता है ।

समानान्तर क्रम में समूहन ( Parallel Grouping )
समानान्तर क्रम में समूहन ( Parallel Grouping )

बैट्री का आन्तरिक प्रतिरोध = r /n

परिपथ का कुल प्रतिरोध = R + r / n

परिपथ में धारा I = E / R + r / n

जहां , 
E = बैट्री का वि.वा.ब. 
r = सैल का आन्तरिक प्रतिरोध 
n = सैलों की संख्या 
R = बाहरी प्रतिरोध 

श्रेणी-समानान्तर (मिश्रित) समूहन (Series-parallel (Mixed) Grouping)

जब अनेक सैलों को श्रेणी क्रम एवं समानान्तर क्रम संयोजन में जोड़ा जाता है तो सैलों का प्राप्त समूहन मिश्रित समूहन कहलाता है ;

यदि n = एक पथ में श्रेणी क्रम में जुड़े सैलों की संख्या में में m = समानान्तर क्रम में जुड़े सैलों की संख्या N = कुल सैलों की संख्या ( nxm ) r = एक सैल का आन्तरिक प्रतिरोध R = परिपथ का बाहरी प्रतिरोध –

श्रेणी-समानान्तर (मिश्रित) समूहन (Series-parallel (Mixed) Grouping)
श्रेणी-समानान्तर (मिश्रित) समूहन (Series-parallel (Mixed) Grouping)
श्रेणीक्रम में लगे सैलों का आन्तरिक प्रतिरोध- nr 
अतः श्रेणी समानान्तर क्रम में जुड़े सैलों का आन्तरिक प्रतिरोध =  nr / m
परिपथ का कुल प्रतिरोध = R + nr / m
बैट्री का वि.वा.ब. = एक पथ का वि.वा.ब. ne 
धारा (I) = ne / R + nr / m

या 
 mne /mR +nr = Ne / mR +nr 
चूंकि: mn = N

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