रीमर के बारे में
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रीमर के बारे में

रीमर क्या है?

यह एक मल्टी प्वॉइण्ट कटिंग टूल है। जिसके द्वारा पहले से तैयार छिद्र (hole) की अन्दरूनी सतह को अधिक परिष्कृत (finished) बनाने तथा छिद्र के आकार को थोड़ा-सा बढ़ाकर उसके साइज को किसी विशेष फिटिंग के लिए एक्युरेसी (accuracy) प्रदान करते हैं।
इसके द्वारा बहुत थोड़ी मात्रा (लगभग 0.02-0.15 मिमी) में धातु काटी जाती है। ड्रिलिंग या बोरिंग (boring) करते समय रीमिंग एलाउन्स (allowance) दे दिया जाता है। कभी-कभी रीमिंग (reaming) को दो चरणों (steps) में बाँट दिया जाता है। पहले चरण में रफ रीमिंग (rough reaming) की जाती है, उसके बाद दूसरे चरण में फिनिश रीमिंग (finished reaming) की जाती है।

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रीमर का मैटीरियल

इसको को बनाने के लिए हाई कार्बन स्टील (high carbon steel) तथा हाई स्पीड स्टील का उपयोग किया जाता है। परन्तु जब किसी रीमर को दो भागों में बनाया जाता है, तो रीमर के शैंक (shank) को कार्बन स्टील तथा कटिंग करने वाले भाग को हाई स्पीड स्टील से बनाया जाता है। इन भागों को बट वैल्डिंग (butt welding) करके जोड़ा जाता है। इसके अतिरिक्त इनको बनाने के लिए कुछ अन्य पदार्थ (other substances) जैसे:- कार्बाइड, उच्च कोबाल्ट अलॉय स्टील का भी उपयोग किया जाता है। उच्च कोबाल्ट अलॉय स्टील का उपयोग टाइटेनियम व स्टेनलैस स्टील (stainless steel) की रीमिंग के लिए किया जाता है।

रीमर के मुख्य भाग

इसमें कई कटिंग एज होती हैं। जिस भाग में कटिंग एज होती है उसे रीमर की बॉडी कहते हैं। बॉडी के ऊपर शैंक होता है जो टेपर (taper) या समान्तर (parallel) होता है। और छिद्र में घुसाने के लिए रीमर के सिरे चैम्फर किए होते हैं। इनके मुख्य तीन भाग होते हैं-

(1.)बॉडी

किसी भी रीमर का मुख्य भाग उसकी बॉडी होती है। बॉडी पर बहुत से फ्लूट्स (flutes) होते हैं, फ्लूट्स के बीच के भाग को लैण्ड (land) कहते हैं। लैण्ड के पीछे मार्जिन (margin) होता है जो कि चैम्फर के कोण से लेकर फ्लूट के पिछले सिरे तक होता है। मार्जिन के बाद लैण्ड पर बॉडी क्लीयरैन्स (body clearance) होती है।

(2.)शैंक

यह रीमर का बॉडी के ऊपर का भाग है जोकि प्लेन (plain) होता है। इसी भाग से रीमर को किसी मशीन या रिंच (wrench) आदि में पकड़कर घुमाया जाता है। कुछ रीमर का ऊपरी भाग चौकोर होता है। इस चौकोर हैड (square head) को टेप रिंच में पकड़कर घुमाया जा सकता है।

(3.)चैम्फर

बॉडी के निचले भाग में चैम्फर (chamfer) एक विशेष कोण पर इस प्रकार दिया जाता है कि चैम्फर कटिंग एज के पीछे कुछ बॉडी क्लीयरैन्स (body clearance) हो जाए। इससे कटिंग एज को धातु (metal) काटने में सुविधा मिलती है।

रीमर के लाभ

  1. इसके द्वारा छोटे छिद्रों (holes) की फिनशिंग भी सम्भव होती है।
  2. इसके द्वारा उच्च गुणवत्ता (high quality) की सर्फेस फिनिशिंग प्राप्त होती है।
  3. इससे निकटतम सीमा (close range) तक विमीय परिशुद्धता (Dimensional precision) प्राप्त होती है।

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