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उच्चारण की परिभाषा

दोस्तों, आप चाहें किसी भी भाषा का ज्ञान अर्जित करना चाहते हो तो उसके लिए उच्चारण की अधिक उपयोगिता होती है।

यहां पर हम अंग्रेजी भाषा की बात करेंगे। क्योंकि आज समय में अधिकतर अंग्रेजी का प्रचलन है। अंग्रेजी (English) क ज्ञान अर्जित करने के बाद उसका जीवन में उपयोग करते या बोलते समय उच्चारण (Pronunciation) की उपयोगिता ज्ञात होती है।

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उच्चारण

दोस्तों, Pronunciation ही वह एक तकनीक व तरीका है, जो आपके English के knowledge को स्पष्ट तरीके से व्यक्त कर सकता है। Pronunciation से ही आप लोगों से अच्छी तरह से बातचीत कर सकते हो। यदि आप किसी भी भाषा का अच्छी तरह से Pronunciation नहीं कर सकते हो तो आपको लोगों से बातचीत करने में Problem होगी।

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उच्चारण की परिभाषा

Pronunciation वह तरीका है जिससे कोई शब्द या भाषा बोली जाती है। यह किसी विशिष्ट बोली (“सही उच्चारण”) में किसी दिए गए शब्द या भाषा को बोलने में प्रयुक्त ध्वनियों के आम तौर पर सहमत-अनुक्रमों का उल्लेख कर सकता है या जिस तरह से कोई विशेष व्यक्ति किसी शब्द या भाषा को बोलता है।

उच्चारण का अर्थ

Pronunciation वह Technique है, जिसके द्वारा Particular शब्द या ध्वनि को उच्चरित किया जाता है। साधारण शब्दों का Pronunciation समझने के लिए स्वरोच्चारण अर्थात् उच्चारण के Mode को उसके Exact रूप में जानने के लिए स्वर और व्यंजन की भूमिका को समझना भी आवश्यक हो जाता है।

उच्चारण को हिंदी में क्या बोलते हैं?

Mouth से इस प्रकार शब्द (Words) निकालना कि औरों को सुनाई दे। मनुष्यों का गले और Mouth के भिन्न अंगों के संयोग से अक्षरों, व्यंजनों आदि के रूप में सार्थक शब्द निकालना।

उच्चारण के दोष के कारण

इसके दोष के कारण निम्न प्रकार से हैं-

1.शारीरिक कारण

इस कारण के अंतर्गत मनुष्य में दोष इसलिए होते हैं, कि कुछ लोगों के तालु, होंठ, दांत, कण्ड में दोष या कमी होती है। जिसके कारण उन लोगों के द्वारा बोली जाने वाली भाषा के Pronunciation में दोष होता है। अर्थात् वह किसी भी बात या शब्द की ध्वनियों का सही Pronunciation नहीं कर पाते हैं।

2.वर्णों के उच्चारण का अज्ञान

इस दोष के अंतर्गत मनुष्य को वर्णों से संबंधित पूर्ण ज्ञान न होना होता है। इस दोष को सबसे अधिक हिंदी भाषा में फेस करना पड़ता है। क्योंकि इस भाषा में कोई अक्षर आधा बना होता है, तो किसी अक्षर पर चंद्र की बिंदु लगी होती है।

जिससे भाषा की ध्वनि पर काफी असर पड़ता है। इसलिए जिनको वर्णों के बारे में अच्छी जानकारी नहीं होती है, वह लोग बोलने में गलती करते हैं; जैसे- आमदनी को आम्दनी बोलते हैं।

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2 thoughts on “उच्चारण की परिभाषा

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