डी. सी. मशीन क्या है? | भाग | ऊर्जा स्थानतारण
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डी. सी. मशीन क्या है? | भाग | ऊर्जा स्थानतारण

नमस्कार दोस्तों, क्या आप डीसी मशीन के बारे में जानना चाहते हैं तो अगर आप डीसी मशीन के बारे में विस्तार से जानना चाहते हैं तो हमने इस लेख के माध्यम से इसके बारे में पूरी जानकारी देने का प्रयास किया है. डीसी मशीन क्या होती है? इससे सामान्य कांसेप्ट क्या-क्या होते हैं. इसमें ऊर्जा रूपांतरण कैसे होता है. और डीसी मशीन के भाग कौन-कौन से होते हैं. तो अगर आप इन सभी चीजों के बारे में जानना चाहते हैं. तो इस लेख को पूरा जरूर पढ़ें तो चलिए जानते हैं.

इलेक्ट्रिकल मशीन की सामान्य संकल्पना | Basic concept of Electric machines

एक इलेक्ट्रिकल मशीन एक ऊर्जा रूपान्तरक होती है। जिसमें एक चुम्बकीय परिपथ के द्वारा दो इलेक्ट्रिक परिपथ जोड़े जाते हैं। इलेक्ट्रिकल मशीनों की बाहरी आकृति में दो इलेक्ट्रिक परिपथ होते हैं। जो एक चुम्बकीय परिपथ के द्वारा जुड़े रहते हैं एक इलेक्ट्रिकल मशीन एक श्रेणी से दूसरी श्रेणी में ऊर्जा को रूपान्तरित करती है। उसके संबंध में कम से कम एक ऊर्जा श्रेणी इलेक्ट्रिक शक्ति के रूप में अभिलक्षित की गई है।

इलेक्ट्रिकल मशीनों का ऊर्जा रूपान्तरण | Energy conversion of electrical machines

इलेक्ट्रिकल मशीनों के ऊर्जा रूपान्तरण के मुख्य बिन्दु निम्न प्रकार है-

  1. इलेक्ट्रिकल मशीन एक ऐसी प्रणाली है जिसमें यांत्रिक प्रणाली को जेनरेटर के द्वारा विद्युत प्रणाली में रूपान्तरित किया जाता है।
    • Mechanical System ( Prime Mover ) → Generator → Electrical System ( Mains )
  2. इसमें विद्युत प्रणाली को मोटर के द्वारा यांत्रिक प्रणाली में रूपान्तरित किया जाता है।
    • Electrical System ( Mains ) → motor → Mechanical System
  3. इसमें विद्युत प्रणाली को रोटेटिंग कनवर्टर और ट्रांसफॉर्मर के द्वारा विद्युत प्रणाली में रूपान्तरित किया जाता है ।
    • Electrical System ( Mains ) →→ Electrical System

डी. सी. मशीन क्या होता है?

वे मशीनें जिनके प्रचालन के लिए दिष्ट धारा ( D.C. ) का उपयोग किया जाता है , दिष्ट धारा ( D.C. ) मशीन कहलाती हैं।

दिष्ट धारा ( D.C. ) मशीन को मुख्यतः मोटर एवं जेनरेटर के रूप में उपयोग किया जाता है। यदि D.C. मशीन को विद्युत धारा प्रदान की जाए एवं मशीन से यांत्रिक ऊर्जा प्राप्त हो तो इसे D.C. मोटर कहा जाता है एवं इसके विपरीत यदि मशीन को यांत्रिक ऊर्जा प्रदान करने पर विद्युत ऊर्जा प्राप्त हो जाए तो यह मशीन D.C. जेनरेटर कहलाती है।

यद्यपि विशेष परिस्थितियों में एक ही मशीन को मोटर एवं जेनरेटर दोनों रूपों में चलाया जा सकता है , परन्तु इनकी बाह्य संरचना में अन्तर होता है।

मोटर का बाहरी आवरण आंशिक अथवा पूर्ण रूप से बन्द संरचना के रूप में होता है जबकि जेनरेटर की बाह्य संरचना खुले ढांचे के रूप में होती है ताकि जेनरेटर यांत्रिक ऊर्जा प्राप्त कर ज्यादा गर्म न हो सके ।

डी. सी. मशीन के भाग?

D.C. मशीन के मुख्यतः निम्न भाग होते हैं-

  1. स्टेटर ( Stator )
  2. आर्मेचर ( Armature )
  3. दिक्परिवर्तक ( Commutator )
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