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कंप्यूटर में रजिस्टर किसे कहते हैं? | प्रकार | कार्य | QNA

यह कंप्यूटर प्रोसेस का एक तत्व है, यह एक प्रकार का कंप्यूटर मेमोरी है। इसका उपयोग सीपीयू ( CPU ) द्वारा जल्द उपयोग किए जा रहे डाटा और निर्देशों को स्वीकार करने के साथ-साथ उसको स्टोर व ट्रांसफर करने के लिए किया जाता है। कंप्यूटर में रजिस्टर एक हाई स्पीड मेमोरी स्टोरेज इकाई है। यह एकल डेटा या बिट अनुक्रम सहित किसी भी प्रकार की जानकारी ले जा सकता है।

कंप्यूटर में रजिस्टर क्या है? | Computer me register kya hai?

ए.एल.यू. में अनेकों प्रकार के एक्यूमुलेटर व रजिस्टर होते हैं, यह संपादन के समय डाटा, दिशा-निर्देशों व परिणामों को स्टोर या संग्रहित करने में काम आते हैं। ए.एल.यू. कंट्रोल यूनिट के आदेश पर मेमोरी के विभिन्न स्थानों से डाटा को उठाकर रजिस्टर व एक्यूमुलेटर में रखती है उसके बाद उन पर गणनाएं करती है।

Computer me Register kya hai
Register

उदाहरण- यदि दो संख्याएं A व B हैं, जिनको आपस में जोड़ना है, तब कंट्रोल यूनिट A को मेमोरी एड्रेस से एक्यूमुलेटर में स्टोर कर देता है।

कंप्यूटर में रजिस्टर के प्रकार | Computer me register Prakar

  1. एक्यूमुलेटर- यह 16 बिट्स का होता है, जिसका उपयोग लॉजिकल व अर्थमेटिक ऑपरेशन के लिए किया जाता है। किसी भी इंस्ट्रक्शन में ऑपरेन्ड को स्टोर करने के लिए डिफॉल्ट रजिस्टर एक्यूमुलेटर होता है।
  2. मेमोरी डाटा रजिस्टर- दोस्तों, इसमें में 16 बिट्स होता है अर्थात् यह भी 16 बिट्स का डाटा स्टोर कर सकता है। इसका मुख्य उपयोग प्राइमरी मेमोरी द्वारा दिए गए डाटा को पढ़ने या स्टोर करने में किया जाता है।
  3. मेमोरी एड्रेस रजिस्टर- इसमें भी 16 बिट्स होता है, इसका उपयोग ऑपरेन्ड के एड्रेस को स्टोर करने में किया जाता है।
  4. टेम्परेरी रजिस्टर- इसमें 8 बिट्स होता है अर्थात् यह कह सकते हैं कि यह 8 बिट्स का रजिस्टर होता है। इस प्रकार के रजिस्टर का काम माध्यमिक डाटा व मेमोरी लोकेशन एड्रेस को प्रोसेसिंग के समय संग्रहित / स्टोर करने का होता है। इनको जर्नल पर्पज रजिस्टर ( General Purpose Register ) भी कहते हैं। इनकी संख्या 6 होती है, जिनको BX, CX, DX, EX, HX, व LX के नाम से जाना जाता है। इन सभी को आपस में जोड़कर उपयोग में लाया जा सकता है। इनके जुड़ने पर रजिस्टर की स्टोरेज क्षमता बढ़ जाती है। इनको आपस में जोड़ने के बाद BC, DE, HL नाम से जाना जाता है। यह आपस में जुड़कर 16 बिट्स का डाटा रिसीव कर सकते हैं।
  5. इंस्ट्रक्शन रजिस्टर- इसमें 16 बिट्स होती हैं। इनका मुख्य काम मेन मेमोरी इकाई में निर्देशों को स्टोर करने में किया जाता है।
  6. स्टैक प्वाइंट- सीपीयू ( CPU ) द्वारा अनेकों इंस्ट्रक्शन पर काम करते समय एक लिस्ट का निर्माण किया जाता है, जिसको स्टैक कहते हैं। यह LIFO ( Last in First Out ) के सिद्धांत पर काम करती है। इस प्रकार के रजिस्टर में अंत वाले निर्देश को सबसे पहले व पहले निर्देश को अंत में एक्सीक्यूट ( Execute ) किया जाता है। स्टैक की वर्तमान स्थिति के एड्रेस को स्टोर करने के लिए स्टैक प्वाइंटर का उपयोग किया जाता है।
  7. फ्लैग रजिस्टर- इसका उपयोग एक्सीक्यूशन के समय मशीन का स्टेटस स्टोर करने के लिए किया जाता है। कुछ मेन फ्लैग रजिस्टर IF, DF, OF, SF व ZF होते हैं।
  8. प्रोग्राम काउंटर- यह एक विशेष प्रकार का रजिस्टर होता है, इसका उपयोग एक्सीक्यूट होने वाले निर्देश को मेमोरी एड्रेस में स्टोर करता है।

रजिस्टर कैसे काम करता है? | Register kaise kaam karta hai?

यह एक अस्थायी स्टोरेज एरिया होता है। यह किसी मेमोरी का भाग नहीं होता है, यह एक विशेष तरह का अतिरिक्त स्टोरेज एरिया होता है। यह एरिया गति की क्षमता को बनाए रखता है। यह कंट्रोल इकाई के निर्देशन में डाटा या निर्देश को स्वीकार करने में, स्टोर करने और ट्रांसफर करने के साथ-साथ उच्च गति पर अंकगणितीय तुलना करने के लिए काम करते हैं। यह इकाई एक डेटा स्टोरेज का उपयोग करती है।

कंप्यूटर में रजिस्टर की आवश्यकता क्यों होती है?

यह कंप्यूटर मेमोरी की तुलना में काफी तेज होती है। रजिस्टर निर्देशों के तेजी से संचालन के लिए अधिक उपयोगी है। यह कंप्यूटर मेमोरी के शीर्ष पर स्थित है। यह एड्रेस, निर्देश या किसी अन्य प्रकार के छोटे डाटा को स्टोर कर सकता है।

रजिस्टर के लाभ

इसके लाभ निम्न प्रकार से हैं-

  1. इसका उपयोग वेरिएबल रखने के लिए कर सकते हैं, इससे मेमोरी ट्रैफिक कम हो जाता है।
  2. रजिस्टर तेज मेमोरी ब्लॉक है, इसलिए मेन मेमोरी की तुलना में निर्देशों को तेजी से निष्पादित किया जाता है।
  3. इंटर्नल स्टोरेज के अन्य रूपों की तुलना में कम्पाइलर के माध्यम से रजिस्टर को आसानी से उपयोग किया जाता है।
  4. सीपीयू ( CPU ) द्वारा रजिस्टर की सहायता से निर्देशों को अनुग्रह और सुगमता से कंट्रोल किया जाता है।

रजिस्टर के प्रश्न उत्तर

प्रश्न: कंप्यूटर रजिस्टर के क्या कार्य होते हैं?

उत्तर: इसके मुख्यत: तीन काम होते हैं, जिसमें से पहला Fetching, दूसरा Execution व तीसरा Decoding होता है।

प्रश्न: कंप्यूटर रजिस्टर कितने प्रकार के होते हैं?

उत्तर: कंप्यूटर रजिस्टर प्रायः आठ ( 8 ) प्रकार के होते हैं।

प्रश्न: रजिस्टर यूनिट का क्या उपयोग है?

उत्तर: इसका उपयोग यह है कि यह मेमोरी एक्जिक्यूट होने वाले निर्देश को स्टोर करके रखता है।

प्रश्न: मेमोरी डाटा रजिस्टर कितने बिट का होता है?

उत्तर: यह 16 बिट्स का होता है।

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