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आर्कमिडीज का सिद्धांत

आर्कमिडीज का सिद्धांत हिंदी में:- इस सिद्धांत का उपयोग ठोस वस्तुओं का आपेक्षिक घनत्व ज्ञात करने के लिए किया जाता है। ठोस पदार्थ दो प्रकार के होते हैं, पहला पानी में घुलनशील तथा दूसरा पानी में अघुलनशील होते हैं।

आर्किमिडीज के सिद्धांत में कहा गया है कि किसी तरल पदार्थ में डूबे हुए शरीर पर ऊपर की ओर उत्प्लावन बल, चाहे वह पूरी तरह से या आंशिक रूप से हो, उस द्रव के वजन के बराबर होता है जिसे शरीर विस्थापित करता है। आर्किमिडीज का सिद्धांत भौतिकी का एक नियम है जो द्रव यांत्रिकी के लिए मौलिक है। इसे आर्किमिडीज ऑफ सिरैक्यूज ने तैयार किया था।

दोस्तों, इस सिद्धांत को वैज्ञानिक आर्कमिडीज ने दिया था, इसलिए इस सिद्धांत नाम ‘आर्कमिडीज का सिद्धांत’ नाम पड़ा।

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दोस्तों, यदि आप इस सिद्धांत की पूरी जानकारी पाना चाहते हो, तो पोस्ट को पूरा पढ़िए।

आर्कमिडीज का सिद्धांत क्या है?

जब किसी वस्तु को किसी द्रव में पूर्णतः या आंशिक रूप से डुबोते है, तो उस वस्तु के भार में कुछ कमी का अनुभव होता है, यह कमी वस्तु के भार के बराबर होती हैं।

1.पानी से भारी अघुलनशील ठोस पदार्थों का आपेक्षिक घनत्व

वह ठोस पदार्थ जो पानी से भारी होता है उसका आपेक्षिक घनत्व ज्ञात करने के लिए सबसे पहले उस ठोस पदार्थ को एक धागे से बांध लेंगे। इसके बाद एक बीकर में पानी भरकर रख लेंगे,और फिर उस ठोस पदार्थ को लटकी अवस्था में पानी से भरे बीकर में अंदर तक पूरा डुबो देंगे।

बीकर में पानी इतना होना चाहिए कि पानी में वह ठोस पदार्थ डूब जाए। यह भी ध्यान रहे की वह ठोस पदार्थ पानी के साथ कोई रासायनिक क्रिया करने वाला न हो। इस तरीके से ठोस पदार्थ का पानी में करते हैं। इसके बाद,

माना ठोस पदार्थ का हवा या वायु में भार = w ग्राम

ठोस पदार्थ का पानी में भार = w1 ग्राम
पानी में ठोस पदार्थ के भार में कमी = ठोस पदार्थ द्वारा हटाए गए पानी का भार
पानी में ठोस पदार्थ के भार में कमी = (w – w1) ग्राम
ठोस पदार्थ का आपेक्षिक घनत्व = w/w – w1

2.पानी से हल्के अघुलनशील ठोस पदार्थों का आपेक्षिक घनत्व

इस प्रकार के हल्के ठोस पदार्थों का आपेक्षिक घनत्व ज्ञात करने के लिए सबसे पहले हल्के ठोस पदार्थ का भार निकालेंगे। इसके बाद सिंकर को ठोस पदार्थ के साथ बांधकर इस तरीके से लटकाएंगे कि ठोस पदार्थ का पानी से बाहर रहे और सिंकर पानी के अंदर रहे। इस अवस्था में भार को तौल लेंगे।

इसके बाद फिर दोबारा से सिंकर को ठोस पदार्थ के साथ बांधकर इस प्रकार लटकाएंगे। जिससे की सिंकर का एक भाग तुला से जुड़ा रहे और दूसरा भाग ठोस पदार्थ से जुड़ा रहे।
अब ठोस पदार्थ और सिंकर को पानी में डुबोकर भार तौल लेंगे।
इसके बाद,

माना पानी से हल्के ठोस पदार्थ का हवा या वायु में भार = w ग्राम
सिंकर का पानी में भार तथा हल्के ठोस पदार्थ का हवा में भार = w1 ग्राम
सिंकर तथा हल्के ठोस पदार्थ का पानी में भार = w2 ग्राम
पानी में पदार्थ के भार में कमी = हल्के ठोस पदार्थ द्वारा हटाए गए पानी का भार
पानी में पदार्थ के भार में कमी = (w1 – w2) ग्राम
हल्के ठोस पदार्थ का आपेक्षिक घनत्व = w/w1 – w2

3.पानी में घुलनशील ठोस पदार्थों का आपेक्षिक घनत्व

पानी में घुलनशील ठोस पदार्थों कि आपेक्षिक घनत्व ज्ञात करने से पहले मुख्य बिंदु यह याद रखना है की जो पदार्थ पानी में घुल जाते हैं या पानी में घुलनशील होते हैं उनका आपेक्षिक घनत्व पानी के द्वारा ज्ञात नहीं किया जा सकता है। इसके लिए ऐसे द्रव का चुनाव करना पड़ेगा। जोकि ठोस पदार्थ को घोले न और कोई रासायनिक क्रिया न करे।

इसमें उपयोग करने वाले द्रव का आपेक्षिक घनत्व पहले ज्ञात कर लेना चाहिए। इसके बाद उपयोग में लाना चाहिए।
इसके बाद,

ठोस पदार्थ का आपेक्षिक घनत्व = ठोस का वायु में भार/द्रव में तोलने से ठोस के भार में कमी × (द्रव का आपेक्षिक घनत्व)
ठोस पदार्थ का आपेक्षिक घनत्व = (द्रव के सापेक्ष ठोस का आपेक्षिक घनत्व) × (द्रव का आपेक्षिक घनत्व)
ठोस पदार्थ का आपेक्षिक घनत्व = D × d

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